प्रिय विधार्थी हमने आपके लिए तैयार किया है, Physics Chap-1 वैधुत् आवेश तथा क्षेत्र ( Electric Charge & Field) जिसमे पुरा concept के साथ इस पूरे पाठ को समझाया गया है, इसमे वास्तुनिष्ठ + प्रश्न उत्तर long और Short दोनो शामिल किये गए है, इसको आप अपने copy मे जरूर लिख ले या याद करले,
तो चलिए शुरू करते है, नीचे दिया गए सारे Questions को अच्छे पढ़ो ।
पहला चरण :- 50 Objective Questions (with Answer)
- विद्युत आवेश की SI मात्रक क्या होता है? → कुलॉम्ब (C)
- इलेक्ट्रॉन पर आवेश होता है? → −1.6×10−19𝐶
- प्रोटॉन पर आवेश होता है? → +1.6×10−19𝐶
- आवेश का संरक्षण किस नियम से जुड़ा है? → ऊर्जा संरक्षण
- समान आवेश करते हैं? → प्रतिकर्षण
- असमान आवेश करते हैं? → आकर्षण
- आवेश का मात्रक किस प्रणाली में कुलॉम्ब है? → SI प्रणाली
- कुलॉम्ब बल निर्भर करता है? → आवेश व दूरी पर
- कुलॉम्ब का नियम किस प्रकार का है? → व्युत्क्रम वर्ग नियम
- निर्वात में k का मान कितना है? → 9×10^9𝑁𝑚2𝐶−2
- बल की दिशा किस रेखा पर होती है? → दोनों आवेशों को जोड़ने वाली रेखा पर
- बिंदु आवेश क्या है? → अति लघु आकार का आवेश
- विद्युत क्षेत्र किसके कारण उत्पन्न होता है? → आवेश के कारण
- विद्युत क्षेत्र की SI मात्रक होता है? → न्यूटन/कुलॉम्ब (N/C)
- विद्युत क्षेत्र एक किस प्रकार का राशी है? → सदिश राशि
- रेखाएँ अधिक सघन होने का अर्थ है? → क्षेत्र अधिक प्रबल
- समविभव सतह पर विद्युत क्षेत्र की दिशा कैसी होती है? → लम्बवत
- आवेश पर बल की दिशा किससे प्राप्त होती है? → कुलॉम्ब के नियम से
- अधिशोषण द्वारा आवेश किसे कहते हैं? → घर्षण से आवेश उत्पन्न होना
- स्थिर वैद्युतिकी किसका अध्ययन करती है? → विराम अवस्था में आवेश का
- निर्वात का विद्युत नियतांक 𝜀o का मान क्या है →8.85×10^−12𝐶2/𝑁𝑚2
- क्षेत्र रेखाएँ कभी आपस में काटती हैं? → कभी नही
- किसी चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र कितना होता है? → शून्य
- क्षेत्र रेखाएँ हमेशा किससे निकलती हैं? → धन (+) आवेश साथ
- क्षेत्र रेखाएँ हमेशा किसमें प्रवेश करती हैं? → ऋण (-) आवेश में
- द्विध्रुव क्या है? → बराबर व विपरीत आवेशों की जोड़ी
- द्विध्रुव आघूर्ण का सूत्र → p=𝑞×2𝑎
- द्विध्रुव पर बल कैसा होता है? → शून्य
- द्विध्रुव पर आघूर्ण का सूत्र → 𝜏=𝑝𝐸sin𝜃
- विद्युत फ्लक्स की SI इकाई → 𝑁𝑚^2/𝐶
- विद्युत फ्लक्स किसका गुणनफल है? → विद्युत क्षेत्र × क्षेत्रफल × cosθ
- गाउस का प्रमेय किस पर आधारित है? → सममिति पर
- गाउस का नियम किसे व्यक्त करता है? → आवेष्टित आवेश से फ्लक्स का संबंध
- आवेष्टित आवेश 𝑄 हो तो फ्लक्स होगा ? → Φ=𝑄/𝜀0
- अनंत लंबी रेखीय आवेश का क्षेत्र किस पर निर्भर है? → दूरी पर
- अनंत तल पृष्ठीय आवेश का क्षेत्र → 𝐸=𝜎/2𝜀0
- आवेश की प्रकृति → अदिश राशि
- विद्युत क्षेत्र की प्रकृति → सदिश राशि
- किसी चालक का अतिरिक्त आवेश कहाँ रहता है? → सतह पर
- अधिशोषण से किस प्रकार का आवेश बन सकता है? → धन व ऋण दोनों ( +, – )
- दंड का क्षेत्र रेखा किस रूप में होती है? → रेडियल
- पृथ्वी को किस रूप में माना जा सकता है? → असीम आवेश भंडार
- यदि दो आवेशों के बीच की दूरी दुगुनी कर दें तो बल होगा? → 1/4 हो जाएगा
- 1C आवेश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या → 6.25×10^18
- क्षेत्र रेखाएँ वक्र हो सकती हैं? → हाँ
- विद्युत द्विध्रुव का क्षेत्र किस पर निर्भर है? → दूरी पर
- यदि आवेश दोगुना करें तो बल? → चार गुना
- कुलॉम्ब बल की प्रकृति → प्रत्यास्थ
- विद्युत क्षेत्र में रखे आवेश पर बल का सूत्र → 𝐹=𝑞𝐸
- किसी बिंदु पर विद्युत विभव और क्षेत्र का संबंध → 𝐸=−𝑑𝑉𝑑𝑟

दूसरा चरण : 50 Questions with Answers ( Short + Long )
लघु उत्तरीय प्रश्न
- विद्युत आवेश की परिभाषा दीजिए?
→ पदार्थ का वह गुण जिसके कारण वे अन्य पदार्थ पर बल लगाते हैं। - इलेक्ट्रॉन का आवेश कितना होता है?→ −1.6×10^−19𝐶
- कुलॉम्ब का नियम लिखिए।
→ दो बिंदु आवेशों के बीच बल = 𝐹=𝑘𝑞1𝑞2/𝑟2 - कुलॉम्ब नियतांक k का मान निर्वात में कितना है?
→ 9×109𝑁𝑚2/𝐶2 - विद्युत क्षेत्र की परिभाषा दीजिए।
→ किसी बिंदु पर इकाई धन आवेश पर लगने वाला बल। - विद्युत क्षेत्र की इकाई क्या है?
→ N/C ( न्यूटन / कुलाम्ब ) - विद्युत क्षेत्र रेखाएँ किससे निकलती हैं?
→ धन आवेश से। - विद्युत क्षेत्र रेखाएँ किसमें समाप्त होती हैं?
→ ऋण आवेश में। - विद्युत द्विध्रुव क्या है?
→ बराबर और विपरीत आवेशों की जोड़ी को विधुत द्विध्रुव कहते है। - द्विध्रुव आघूर्ण का सूत्र लिखिए।
→ 𝑝=𝑞×2𝑎 - गाउस का नियम बताये।
→ किसी बंद सतह से कुल फ्लक्स = 𝑄/𝜀0 - विद्युत फ्लक्स क्या होता है?
→ किसी सतह से गुजरने वाली क्षेत्र रेखाओं की संख्या। - विद्युत फ्लक्स की इकाई?
→ Nm²/C - चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र क्यों शून्य होता है?
→ क्योंकि आवेश सतह पर आ जाते हैं, इसलिए शून्य हो जाता हैं। - समविभव सतह की विशेषता बताइए।
→ E हमेशा उस पर लम्बवत होता है। - विद्युत बल की राशि कैसी होती है, सदिश या अदिश?
→ सदिश - आवेश अदिश राशि क्यों है?
→ क्योंकि इसमे केवल परिमाण होता है, दिशा नहीं। - निर्वात नियतांक 𝜀0 का मान लिखिए।
→ 8.85×10^−12𝐶^2/𝑁𝑚^2 - बिंदु आवेश की परिभाषा।
→ अत्यंत छोटे आकार का आवेश। - आवेश का क्वांटीकरण क्या होता है?
→ आवेश हमेशा e के पूर्णांक गुणज में होता है। - 1C आवेश में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं?
→ 6.25×10 ^18 - यदि दूरी दोगुनी हो जाए तो बल क्या होगा?
→ 1/4 गुना। - द्विध्रुव पर कुल बल कितना होता है?
→ शून्य। - द्विध्रुव पर आघूर्ण का सूत्र।
→ 𝜏=𝑝𝐸sin𝜃 - स्थिर वैद्युतिकी का अध्ययन किसका है?
→ विराम में आवेश। - पृथ्वी को किस रूप में माना जाता है?
→ असीम आवेश भंडार। - गाउस का नियम कहाँ उपयोगी होती है?
→ सममित आवेश वितरण में। - अनंत रेखीय आवेश का क्षेत्र सूत्र।
→ 𝐸=𝜆2𝜋𝜀o𝑟
- अनंत तल पृष्ठ का क्षेत्र।
→ 𝐸=𝜎/2𝜀o
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
- कुलॉम्ब का नियम की व्याख्या कीजिए।
→ 𝐹=𝑘𝑞1𝑞2𝑟2 , बल का परिमाण आवेशों के गुणनफल के समानुपाती और दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। - विद्युत क्षेत्र रेखाओं की तीन विशेषताएँ लिखिए।
→ (i) धन से निकलकर ऋण पर जाती हैं।
(ii) एक – दूसरे को कभी नहीं काटतीं।
(iii) सघनता क्षेत्र की तीव्रता दर्शाती है। - आवेश का संरक्षण सिद्धांत समझाइए।
→ किसी भी पृथक प्रणाली में कुल आवेश स्थिर रहता है। - आवेश के क्वांटीकरण को स्पष्ट कीजिए।
→ 𝑞=±𝑛𝑒 , जहाँ n पूर्णांक है।
33.विद्युत फ्लक्स की परिभाषा और सूत्र।।
→ Φ=𝐸⋅𝐴=𝐸𝐴cos𝜃
- गाउस का नियम को सिद्ध करे।
→ बंद सतह से निकलने वाला फ्लक्स = आवेष्टित आवेश /𝜀o - द्विध्रुव आघूर्ण को परिभाषित कीजिए।
→𝑝=𝑞×2𝑎 - द्विध्रुव पर आघूर्ण का समीकरण व्युत्पन्न कीजिए।
→ 𝜏=𝑝𝐸sin𝜃 - चालक में आवेश का वितरण समझाइए।
→ सतह पर समान रूप से। - समविभव सतह की व्याख्या।
→ सतह पर प्रत्येक बिंदु पर विभव समान। - यदि दो समान आवेश पास लाए जाएँ तो क्या होगा?
→ वे प्रतिकर्षण करेंगे। - यदि दो विपरीत आवेश पास लाए जाएँ तो क्या होगा?
→ वे आकर्षित होंगे। - विद्युत क्षेत्र और विभव में संबंध।
→ 𝐸=−d𝑉/𝑑𝑟 - द्विध्रुव का क्षेत्र कैसे बदलता है?
→ दूरी के घन के व्युत्क्रमानुपाती। - रेखीय आवेश घनत्व क्या है?
→ λ = Q/L। - पृष्ठीय आवेश घनत्व क्या है?
→ σ = Q/A। - आयतन आवेश घनत्व क्या है?
→ ρ = Q/V। - चालक और कुचालक में अंतर।
→ चालक में मुक्त इलेक्ट्रॉन, कुचालक में नहीं। - अधिशोषण द्वारा आवेश उत्पन्न होने का उदाहरण।
→ रबर व प्लास्टिक को रगड़ने से। - निर्वात व माध्यम में कुलॉम्ब बल की तुलना।
→ माध्यम में बल कम होता है,
𝐹=14𝜋𝜀𝑞1𝑞2𝑟2 - आवेश की दो मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
→ (i) संरक्षण (ii) क्वांटीकरण। - पानी का परावैधुतानक् होता है?
→ 80

तीसरा चरण : विधुत आवेश तथा क्षेत्र से जुड़े कुछ – महत्वपूर्ण सूत्र
- आवेश (Charge)
क्वांटीकरण:𝑞=±𝑛𝑒(𝑛=1,2,3,…)
1 इलेक्ट्रॉन का आवेश:
𝑒 =1.6×10−19𝐶
- कुलॉम्ब का नियम (Coulomb’s Law)
बल का सूत्र: 𝐹=14𝜋𝜀0⋅𝑞1𝑞2𝑟2
निर्वात में :𝑘=14𝜋𝜀0=9×10^9 𝑁𝑚2/𝐶2
- विद्युत क्षेत्र (Electric Field)
परिभाषा: 𝐸=𝐹𝑞
बिंदु आवेश के कारण:𝐸=14𝜋𝜀0⋅𝑞𝑟2 - विद्युत फ्लक्स (Electric Flux)
Φ=𝐸⋅𝐴=𝐸𝐴cos𝜃 - गाउस का नियम (Gauss’s Law)
Φ=𝑄𝜀0 - विद्युत द्विध्रुव (Electric Dipole)
द्विध्रुव आघूर्ण: 𝑝=𝑞×2𝑎 - द्विध्रुव पर आघूर्ण:
𝜏=𝑝𝐸sin𝜃 - द्विध्रुव पर स्थितिज ऊर्जा:
𝑈=−𝑝𝐸cos 𝜃 - द्विध्रुव का क्षेत्र (Field of Dipole)
अक्ष पर (Axial line): 𝐸=14𝜋𝜀0⋅2𝑝𝑟3 - लम्बवत द्विभाजक (Equatorial line):
𝐸=14𝜋𝜀0⋅𝑝𝑟3 - रेखीय आवेश का क्षेत्र (Line Charge)
यदि रेखीय आवेश घनत्व = λ:𝐸=𝜆2𝜋𝜀0𝑟 - . अनंत तल पृष्ठ का क्षेत्र (Infinite Plane Sheet)
यदि पृष्ठीय आवेश घनत्व = σ: 𝐸=𝜎2𝜀0
- . आवेश घनत्व (Charge Density)
रेखीय आवेश घनत्व: 𝜆=𝑄𝐿 - पृष्ठीय आवेश घनत्व:𝜎=𝑄𝐴
- आयतन आवेश घनत्व:
𝜌=𝑄𝑉 - विद्युत विभव और क्षेत्र का संबंध
𝐸=−𝑑𝑉𝑑𝑟
20 महत्वपूर्ण बिंदुये :
- विद्युत आवेश (Electric Charge):
आवेश पदार्थ का मूलभूत गुण है, जिसके कारण वह अन्य आवेश पर बल लगाता है।
यह दो प्रकार का होता है – धनात्मक और ऋणात्मक।
आवेश अदिश राशि है और यह हमेशा 𝑞=±𝑛𝑒 (n = पूर्णांक) के रूप में होता है। - आवेश का संरक्षण (Law of Conservation of Charge):
किसी भी पृथक प्रणाली में कुल आवेश न तो उत्पन्न होता है और न ही नष्ट होता है।
यह केवल एक से दूसरे में स्थानांतरित हो सकता है। - आवेश का क्वांटीकरण (Quantisation):
किसी भी वस्तु का कुल आवेश सदैव 𝑞=𝑛𝑒 के रूप में होता है।
एक इलेक्ट्रॉन का आवेश = 1.6×10−19𝐶 - कुलॉम्ब का नियम (Coulomb’s Law):
दो स्थिर बिंदु आवेशों के बीच बल का परिमाण, उनके गुणनफल के समानुपाती तथा दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
सूत्र: 𝐹=𝑘𝑞1𝑞2𝑟2 - कुलॉम्ब बल की प्रकृति:
यह एक सदिश बल है।
समान आवेश प्रतिकर्षित और असमान आवेश आकर्षित करते हैं। - विद्युत क्षेत्र (Electric Field):
किसी बिंदु पर इकाई धन आवेश पर लगने वाला बल, 𝐸=𝐹/𝑞
यह एक सदिश राशि है और इसकी इकाई = N/C - विद्युत क्षेत्र रेखाएँ:
धन आवेश से निकलकर ऋण आवेश में प्रवेश करती हैं।
कभी आपस में नहीं काटतीं।
सघनता क्षेत्र की तीव्रता दर्शाती है। - विद्युत क्षेत्र की विशेषताएँ:
चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र शून्य होता है।
सतह के बाहर क्षेत्र रेखाएँ लम्बवत होती हैं। - विद्युत फ्लक्स (Electric Flux):
किसी सतह से गुजरने वाली क्षेत्र रेखाओं की संख्या। Φ=𝐸𝐴cos
इकाई = Nm²/C - गाउस का नियम (Gauss’s Law):
किसी भी बंद सतह से गुजरने वाला कुल विद्युत फ्लक्स = उस सतह के अंदर के कुल आवेश / 𝜀0
Φ=𝑄/𝜀0 11. गाउस के नियम का प्रयोग:
सममित आवेश वितरण (रेखीय, तल, गोलाकार) के क्षेत्र निकालने में। - विद्युत द्विध्रुव (Electric Dipole):
बराबर एवं विपरीत आवेशों की जोड़ी जिनके बीच कुछ दूरी हो।
द्विध्रुव आघूर्ण 𝑝=𝑞×2𝑎 - द्विध्रुव पर आघूर्ण (Torque on Dipole):
यदि विद्युत क्षेत्र 𝐸 में रखा जाए तो उस पर 𝜏=𝑝𝐸sin𝜃 आघूर्ण लगेगा।
संतुलन पर द्विध्रुव क्षेत्र की दिशा में स्थित हो जाता है। - द्विध्रुव का विद्युत क्षेत्र:
अक्ष पर (axial point): 𝐸=2𝑝4𝜋𝜀0𝑟3 - लम्बवत द्विभाजक पर (equatorial point):
𝐸=𝑝4𝜋𝜀0𝑟3
- अनंत रेखीय आवेश का विद्युत क्षेत्र:
यदि रेखीय आवेश घनत्व λ हो, तो
𝐸=𝜆2𝜋𝜀o𝑟 - अनंत तल पृष्ठ का विद्युत क्षेत्र:
यदि पृष्ठीय आवेश घनत्व σ हो, तो
𝐸=𝜎2𝜀0 - चालक का गुण:
अतिरिक्त आवेश सदैव सतह पर रहता है।
चालक के अंदर विभव स्थिर होता है। - कुचालक का गुण:
इसमें मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं पाए जाते, इसलिए आवेश पूरे आयतन में वितरित हो सकता है। - समविभव सतह (Equipotential Surface):
सतह पर प्रत्येक बिंदु पर विभव समान होता है।
विद्युत क्षेत्र हमेशा समविभव सतह पर लम्बवत होता है। - पृथ्वी का महत्व:
पृथ्वी को असीम आवेश भंडार माना जाता है।
इसे grounding/earthing में प्रयोग किया जाता है ताकि अतिरिक्त आवेश सुरक्षित रूप से निकल आये।