पहला चरण: 50 Objectives With Answers
प्रश्न 1 : वैद्युत् चुम्बकीय प्रेरण की खोज करने वाला कौन है?
उत्तर: माइकल फैराडे।
प्रश्न 2 : चुंबकीय फ्लक्स की SI मात्रक क्या है?
उत्तर: वेबर (Wb)।
प्रश्न 3 : फैराडे के प्रथम नियम के अनुसार प्रेरित EMF चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन के समानुपाती होती है। यह परिवर्तन किसके समानुपाती होता है?
उत्तर: समय के।
प्रश्न 4 : लेंज के नियम का आधार क्या है?
उत्तर: ऊर्जा संरक्षण का नियम।
प्रश्न 5 : गतिमान चालक में प्रेरित EMF को क्या कहते हैं?
उत्तर: गति EMF।
प्रश्न 6 : गति EMF का सूत्र क्या है?
उत्तर: ε = B l v।
प्रश्न 7 : स्वप्रेरण क्या है?
उत्तर: कुंडली में स्वयं के चुंबकीय फ्लक्स परिवर्तन से प्रेरित EMF।
प्रश्न 8 : परस्पर प्रेरण के लिए L12 का अर्थ क्या है?
उत्तर: प्राथमिक कुंडली में धारा परिवर्तन से द्वितीयक कुंडली में प्रेरित EMF।
प्रश्न 9 : एडी धाराओं को क्या कहते हैं?
उत्तर: परिपथिक धाराएँ।
प्रश्न 10 : AC जनित्र में यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत् ऊर्जा में परिवर्तित करने का सिद्धांत क्या है?
उत्तर: वैद्युत् चुम्बकीय प्रेरण।
प्रश्न 11 : ट्रांसफॉर्मर में द्वितीयक वोल्टेज का सूत्र क्या है?
उत्तर: V_s / V_p = N_s / N_p।
प्रश्न 12 : चुंबकीय फ्लक्स φ = ?
उत्तर: B · A cosθ।
प्रश्न 13 : फैराडे के द्वितीय नियम के अनुसार प्रेरित EMF = ?
उत्तर: – dφ/dt।
प्रश्न 14 : लेंज के नियम के अनुसार प्रेरित धारा का दिशा निर्धारण कैसे होता है?
उत्तर: परिवर्तन का विरोध करने वाली।
प्रश्न 15 : एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान छड़ की प्रेरित EMF किस पर निर्भर नहीं करती?
उत्तर: छड़ की मोटाई पर।
प्रश्न 16 : स्वप्रेरक गुणांक L की इकाई क्या है?
उत्तर: हेनरी (H)।
प्रश्न 17 : परस्पर प्रेरक गुणांक M का सूत्र क्या है?
उत्तर: M = φ21 / I1।
प्रश्न 18 : एडी धाराओं के कारण होने वाला हानि क्या है?
उत्तर: ऊष्मीय हानि।
प्रश्न 19 : AC जनित्र का आउटपुट वोल्टेज किसके समानुपाती होता है?
उत्तर: कोणीय वेग ω पर।
प्रश्न 20 : स्टेप-अप ट्रांसफॉर्मर में N_s > ?
उत्तर: N_p।
प्रश्न 21 : चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता की इकाई बताइए?
उत्तर: टेस्ला (T)।
प्रश्न 22 : प्रेरित EMF का ऋण चिह्न लेंज के नियम को दर्शाता है। (सत्य/असत्य) ?
उत्तर: सत्य।
प्रश्न 23 : एक कुंडली में 100 फेरों से प्रेरित EMF 2 V है, 200 फेरों की संo कितना होगा?
उत्तर: 4 V।
प्रश्न 24 : गति EMF में v ⊥ B के लिए सूत्र?
उत्तर: ε = B l v sinθ (θ=90° के लिए B l v)।
प्रश्न 25 : स्वप्रेरण में φ = L I, L क्या है?
उत्तर: स्वप्रेरक गुणांक।
प्रश्न 26 : परस्पर प्रेरण में M की अधिकतम सीमा क्या है?
उत्तर: √(L1 L2)।
प्रश्न 27 : एडी धाराओं को कम करने के लिए क्या उपयोग करते हैं?
उत्तर: लैमिनेशन।
प्रश्न 28 : AC जनित्र में स्लिप रिंग्स का उपयोग क्यों होता है?
उत्तर: निरंतर धारा के लिए।
प्रश्न 29 : ट्रांसफॉर्मर में आयरन कोर का उपयोग क्यों होता है?
उत्तर: फ्लक्स को बढ़ाने के लिए।
प्रश्न 30 : आदर्श ट्रांसफॉर्मर में पावर इनपुट = ?
उत्तर: पावर आउटपुट।
प्रश्न 31 : फैराडे के प्रयोग में कुंडली में धारा उत्पन्न होने का कारण?
उत्तर: चुंबक की गति।
प्रश्न 32 : चुंबकीय फ्लक्स का चित्रण किसके द्वारा?
उत्तर: वेक्टर B का क्षेत्रफल के साथ डॉट प्रोडक्ट।
प्रश्न 33 : प्रेरित EMF का मान परिवर्तन दर पर निर्भर करता है। सत्य/असत्य?
उत्तर: सत्य।
प्रश्न 34 : लूप में B ⊥ A होने पर φ अधिकतम क्यों है?
उत्तर: cos0° = 1।
प्रश्न 35 : गतिशील चालक में लॉरेंट्ज बल किस पर कार्य करता है?
उत्तर: आवेश वाहकों पर।
प्रश्न 36 : स्वप्रेरण EMF = ?
उत्तर: – L dI/dt।
प्रश्न 37 : परस्पर प्रेरण EMF = ?
उत्तर: – M dI1/dt।
प्रश्न 38 : एडी धाराएँ किसमें उत्पन्न किया जाता हैं?
उत्तर: धातु के ठोस ब्लॉक में।
प्रश्न 39 : AC जनित्र का ε = ?
उत्तर: NBAω sinωt।
प्रश्न 40 : स्टेप-डाउन ट्रांसफॉर्मर में V_s < ?
उत्तर: V_p।
प्रश्न 41 : चुंबकीय फ्लक्स का विमीय सूत्र बताये?
उत्तर: [ML²T⁻²A⁻¹]।
प्रश्न 42 : फैराडे का नियम एकसमान B में लागू होता है?
उत्तर: हाँ, अगर फ्लक्स बदलता है।
प्रश्न 43 : क्या लेंज के नियम के अनुसार प्रेरित धारा B को बढ़ाने वाली होती है?
उत्तर: नही (विरोध करने वाली)।
प्रश्न 44 : एक छड़ 1 m लंबी, 0.5 T B में 10 m/s से चल रही है, EMF?
उत्तर: 5 V।
प्रश्न 45 : L = 1 H, dI/dt = 1 A/s, स्व EMF?
उत्तर: 1 V।
प्रश्न 46 : M = 2 H, dI/dt = 0.5 A/s, परस्पर EMF?
उत्तर: 1 V।
प्रश्न 47 : ट्रांसफॉर्मर की दक्षता आदर्श में कितनी हैं?
उत्तर: 100%।
प्रश्न 48 : एडी धाराओं का उपयोग किसमें?
उत्तर: ब्रेकिंग में।
प्रश्न 49 : जनित्र में कम्यूटेटर DC के लिए उपयोगी है। सत्य/असत्य?
उत्तर: सत्य।
प्रश्न 50 : क्या ट्रांसफॉर्मर DC पर कार्य करता है?
उत्तर: नही यह AC पर कार्य करता है,
दूसरा चरण: 25 Short Type Questions & Answers
- फैराडे का प्रथम नियम क्या है, बताये?
Ans- जब किसी बंद परिपथ में चुंबकीय फ्लक्स बदलता है, तो उसमें प्रेरित EMF उत्पन्न होती है। यह परिवर्तन की दर पर निर्भर करता है। - चुंबकीय फ्लक्स की परिभाषा और सूत्र बताये?
Ans- चुंबकीय फ्लक्स किसी सतह से गुजरने वाली चुंबकीय रेखाओं की संख्या है। सूत्र: φ = B A cosθ। - लेंज का नियम संक्षेप में बताये?
Ans- प्रेरित धारा का दिशा परिवर्तन का विरोध करने वाली होती है। यह ऊर्जा संरक्षण पर आधारित है। - गति EMF का सूत्र बताये?
Ans- ε = B l v (जब B ⊥ v ⊥ l हो)। यह गतिमान चालक में उत्पन्न होती है। - स्वप्रेरण व परस्पर प्रेरण में अंतर बताये?
Ans- स्वप्रेरण: एक ही कुंडली में धारा परिवर्तन से EMF।
परस्पर प्रेरण: दो कुंडलियों के बीच। - एडी धाराएँ क्या हैं? इसके दो उपयोग दो उपयोग?
Ans- परिवर्ती B में धातु में उत्पन्न परिपथिक धाराएँ।
उपयोग: इंडक्शन हीटिंग, ब्रेकिंग।। - AC जनित्र का मूल सिद्धांत है?
Ans- घूर्णी कुंडली में परिवर्ती फ्लक्स से AC EMF उत्पन्न होती है। - ट्रांसफॉर्मर का कार्य क्या है,बताइए?
Ans- AC वोल्टेज को बढ़ाना या घटाना। परस्पर प्रेरण पर आधारित। - फैराडे का द्वितीय नियम क्या है?
Ans- प्रेरित EMF = -N (dφ/dt)। ऋण चिह्न लेंज नियम दर्शाता है। - स्वप्रेरक गुणांक L की परिभाषा है?
Ans- L = φ / I। इकाई: हेनरी (H)। - परस्पर प्रेरक गुणांक M क्या है?
Ans- M = φ21 / I1। दो कुंडलियों के प्रेरण संबंध को दर्शाता है। - एडी धाराओं के दो नुकसान?
Ans- ऊष्मीय हानि, दक्षता में कमी। - AC जनित्र में ε का सूत्र?
Ans- ε = N B A ω sinωt। - आदर्श ट्रांसफॉर्मर की मुख्य शर्त?
Ans- इनपुट पावर = आउटपुट पावर। कोई हानि नहीं। - cosθ का महत्व फ्लक्स में क्यों है ?
Ans- जब θ = 0°, फ्लक्स अधिकतम। B और सतह सामान्य के बीच कोण। - लॉरेंट्ज बल से गति EMF कैसे?
Ans- आवेशों पर F = q(v × B) → आवेश पृथक्करण → EMF। - स्वप्रेरण EMF का सूत्र?
Ans- ε = -L (dI/dt)। - ट्रांसफॉर्मर में धारा संबंध?
Ans- I_s / I_p = N_p / N_s। - एडी धाराएँ कम करने की विधि?
Ans- लैमिनेशन (पतली परतें)। - जनित्र व मोटर में अंतर?
Ans- जनित्र: यांत्रिक → विद्युत्, मोटर: विद्युत् → यांत्रिक। - फैराडे के प्रयोग का सार है?
Ans- चुंबक को कुंडली में ले जाने पर गैल्वेनोमीटर विचलन। फ्लक्स परिवर्तन से। - प्रेरित EM EMF में ऋण चिह्न क्यों?
Ans- लेंज नियम के कारण – परिवर्तन का विरोध। - स्टेप-अप व स्टेप-डाउन में अंतर?
Ans- स्टेप-अप: N_s > N_p → V बढ़ता, स्टेप-डाउन: N_s < N_p → V घटता। - एडी धाराएँ किरचॉफ नियम का उल्लंघन क्यों नहीं करतीं?
Ans- प्रेरित EMF से संतुलित होती हैं। - AC में स्लिप रिंग्स, DC में कम्यूटेटर क्यों क्यों होता है?
Ans- स्लिप रिंग्स AC को निरंतर रखते हैं, कम्यूटेटर दिशा बदलता है।
तीसरा चरण: 25 Long Type Questions Answers
- वैद्युत् चुम्बकीय प्रेरण व फैराडे के नियम लिखे।
Ans- वैद्युत् चुम्बकीय प्रेरण वह प्रक्रिया है जिसमें परिवर्ती चुंबकीय फ्लक्स से बंद परिपथ में EMF उत्पन्न होती है। फैराडे का प्रथम नियम कहता है कि फ्लक्स में परिवर्तन से EMF उत्पन्न होती है। द्वितीय नियम: ε = -N (dφ/dt), जहाँ N फेरों की संख्या है। ऋण चिह्न लेंज नियम दर्शाता है। लेंज नियम कहता है कि प्रेरित धारा परिवर्तन का विरोध करती है, जैसे चुंबक को कुंडली में डालने पर धारा उसे बाहर धकेलने वाली होती है। यह ऊर्जा संरक्षण सुनिश्चित करता है। - गतिमान चालक में प्रेरित EMF की उत्पति को बताइए।
Ans- मान लीजिए एक छड़ लंबाई l, वेग v से B क्षेत्र में लंबवत चल रही है। आवेशों पर लॉरेंट्ज बल F = q v B कार्य करता है। यह बल आवेशों को छड़ के सिरों की ओर ले जाता है, जिससे एक सिरा धनात्मक व दूसरा ऋणात्मक हो जाता है। बल द्वारा किया गया कार्य = q B l v, इसलिए EMF ε = B l v। यदि θ कोण हो तो ε = B l v sinθ। यह गति EMF कहलाती है। - स्वप्रेरण व परस्पर प्रेरण को स्पष्ट से समझाए?
Ans- स्वप्रेरण तब होती है जब एक कुंडली में धारा बदलने से उसका अपना फ्लक्स बदलता है और EMF उत्पन्न होती है: ε = -L (dI/dt)। L = φ / I, इकाई हेनरी। परस्पर प्रेरण में दो कुंडलियाँ होती हैं – प्राथमिक में धारा बदलने से द्वितीयक में फ्लक्स बदलता है: ε2 = -M (dI1/dt)। M ≤ √(L1 L2)। यह ट्रांसफॉर्मर का आधार है। - एडी धाराओं के सिद्धांत, नुकसान और उपयोग बताइए।
Ans- जब धातु का ठोस ब्लॉक परिवर्ती चुंबकीय क्षेत्र में होता है, तो उसमें परिपथिक धाराएँ (एडी धाराएँ) बनती हैं। ये I²R ऊष्मा उत्पन्न करती हैं – नुकसान: ट्रांसफॉर्मर में गर्मी। कम करने के लिए लैमिनेशन करते हैं। उपयोग: विद्युत् चुम्बकीय ब्रेकिंग (गति कम), इंडक्शन फर्नेस (धातु पिघलाना), डेड बीट गैल्वेनोमीटर। - AC जनित्र के निर्माण व कार्य सिद्धांत की व्याख्या।
Ans- AC जनित्र में घूर्णी कुंडली (आर्मेचर), स्थिर चुंबक, स्लिप रिंग्स होते हैं। जब कुंडली ω वेग से घूमती है, तो फ्लक्स φ = NBA cosωt बदलता है। प्रेरित EMF ε = -dφ/dt = NBAω sinωt। अधिकतम मान NBAω, आवृत्ति f = ω/2π। स्लिप रिंग्स निरंतर AC आउटपुट देते हैं। यह यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत् में बदलता है। - ट्रांसफॉर्मर के कार्य सिद्धांत व आदर्श शर्तें।
Ans- ट्रांसफॉर्मर परस्पर प्रेरण पर कार्य करता है। प्राथमिक में AC धारा से परिवर्ती फ्लक्स बनता है जो आयरन कोर से द्वितीयक तक पहुँचता है। V_s / V_p = N_s / N_p, I_s / I_p = N_p / N_s। आदर्श ट्रांसफॉर्मर में कोई हानि नहीं – P_in = P_out। शर्तें: 100% दक्षता, कोई लीकेज, AC इनपुट। - चुंबकीय फ्लक्स व फैराडे नियम से EMF व्युत्पत्ति।
Ans- चुंबकीय फ्लक्स φ = B ⋅ A = B A cosθ। एक फेरा के लिए ε = -dφ/dt। N फेरों के लिए ε = -N (dφ/dt)। यदि B बदलता है, dφ/dt = A dB/dt। यदि क्षेत्रफल या कोण बदलता है, उसी अनुसार। ऋण चिह्न लेंज नियम दर्शाता है। यह वैद्युत् चुम्बकीय प्रेरण का मूल सूत्र हैं। - AC जनित्र के निर्माण, कार्य सिद्धांत और EMF की अभिव्यक्ति की विस्तृत व्याख्या कीजिए।
Ans- AC जनित्र में घूर्णी आर्मेचर (कुंडली), स्थिर चुंबक, स्लिप रिंग्स होते हैं। कुंडली ω वेग से घूमने पर फ्लक्स φ = NBA cosωt बदलता है। प्रेरित EMF ε = -dφ/dt = NBAω sinωt। अधिकतम मान NBAω, RMS मान NBAω/√2। स्लिप रिंग्स AC को निरंतर रखते हैं। यह यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत् में बदलता है। - ट्रांसफॉर्मर के कार्य सिद्धांत, वोल्टेज-धारा संबंध और आदर्श शर्तों की चर्चा कीजिए।
Ans- ट्रांसफॉर्मर परस्पर प्रेरण पर कार्य करता है। प्राथमिक AC से परिवर्ती फ्लक्स आयरन कोर द्वारा द्वितीयक तक पहुँचता है। V_s / V_p = N_s / N_p, I_s / I_p = N_p / N_s। आदर्श में P_in = P_out, कोई हानि नहीं। केवल AC पर कार्य करता है। - चुंबकीय फ्लक्स की अवधारणा समझाइए और फैराडे के नियमों से प्रेरित EMF की व्युत्पत्ति कीजिए।
Ans- चुंबकीय फ्लक्स φ = B A cosθ, इकाई वेबर। फैराडे प्रथम नियम: फ्लक्स परिवर्तन से EMF। द्वितीय: ε = -N (dφ/dt)। यदि B बदलता है, dφ/dt = A dB/dt। ऋण चिह्न लेंज नियम दर्शाता है। यह सभी प्रेरण का मूल है। - लेंज के नियम को ऊर्जा संरक्षण से जोड़कर समझाइए और दो उदाहरण दीजिए।
Ans- लेंज नियम कहता है कि प्रेरित धारा परिवर्तन का विरोध करती है, जिससे कार्य करना पड़ता है और ऊर्जा संरक्षण होता है। उदाहरण 1: चुंबक कुंडली में डालने पर धारा उसे बाहर धकेलती है। उदाहरण 2: गिरती छड़ में EMF गति कम करती है। - गतिशील चालक और स्थिर चालक में प्रेरण के अंतर को उदाहरण सहित समझाइए।
Ans- गतिशील: छड़ B में चलती है, ε = Blv। स्थिर: B या A बदलता है, ε = -dφ/dt। दोनों dφ/dt से। उदाहरण: गतिशील – स्लाइडिंग रॉड, स्थिर – ट्रांसफॉर्मर। - स्वप्रेरण में ऊर्जा संग्रहण की व्याख्या कीजिए और सूत्र व्युत्पन्न कीजिए।
Ans- धारा बढ़ने पर कुंडली में चुंबकीय क्षेत्र बनता है। ऊर्जा = ∫ ε I dt = ∫ L I dI = (1/2) L I²। यह चुंबकीय क्षेत्र में संग्रहित होती है। - परस्पर प्रेरण में M की अधिकतम मान की व्याख्या कीजिए।
Ans- M = φ21 / I1। पूर्ण संयोजन पर M = √(L1 L2)। यह प्रेरण युग्मन गुणांक k = M / √(L1 L2) से निर्धारित होता है। - एडी धाराओं के कारण होने वाली हानियों को कम करने की विधियाँ बताइए।
Ans- लैमिनेशन (पतली परतें), उच्च प्रतिरोध कोर, सिलिकॉन स्टील। इससे परिपथिक क्षेत्र कम होता है। - DC जनित्र और AC जनित्र में अंतर बताइए और DC का सिद्धांत समझाइए।
Ans- AC: स्लिप रिंग्स → AC, DC: कम्यूटेटर → DC। DC में कम्यूटेटर हर अर्ध चक्र में धारा दिशा बदलता है। - ट्रांसफॉर्मर में वोल्टेज और करंट संबंध की व्युत्पत्ति कीजिए।
Ans- φ समान → dφ/dt समान → V/N समान → V_s / V_p = N_s / N_p। पावर संरक्षण से I_s V_s = I_p V_p → I_s / I_p = N_p / N_s। - फैराडे के प्रयोग का विस्तृत वर्णन कीजिए।
Ans- कुंडली, चुंबक, गैल्वेनोमीटर। चुंबक डालने पर विचलन, निकालने पर विपरीत। स्थिर पर शून्य। फ्लक्स परिवर्तन से। - प्रेरित EMF में फेरों की संख्या N का प्रभाव समझाइए।
Ans- N फेरे → N गुना फ्लक्स → ε = -N dφ/dt। N दोगुना → ε दोगुना। - लूप में B के परिवर्तन से प्रेरण। एक समस्या हल कीजिए।
Ans- A=0.1 m², dB/dt=0.5 T/s, N=50 → ε = 50 × 0.1 × 0.5 = 2.5 V। - स्वप्रेरण सर्किट में RL में धारा वृद्धि का सूत्र समझाइए।
Ans- I = (V/R)(1 – e^{-Rt/L})। τ = L/R। - ट्रांसफॉर्मर के व्यावहारिक हानियाँ बताइए।
Ans- कॉपर हानि (I²R), आयरन हानि (हिस्टरिसिस, एडी), लीकेज फ्लक्स। - जनित्र में पावर आउटपुट का सूत्र व्युत्पन्न कीजिए।
Ans- P = ε I cosφ। औसत P = (NBAω I_m)/√2। - चुंबकीय क्षेत्र में घूर्णी लूप में EMF की व्युत्पत्ति।
Ans- φ = NBA cosωt → ε = NBAω sinωt। - लेंज नियम के दो व्यावहारिक उदाहरण।
Ans- 1. जंपर के बाल उड़ना, 2. रेल पर गिरती छड़।
चौथा चरण: 30 Important Points
- फैराडे का प्रथम नियम (Faraday’s First Law):
जब किसी परिपथ में चुंबकीय फ्लक्स (Magnetic Flux) में परिवर्तन होता है, तब उसमें प्रेरित विद्युत वाहक बल (emf) उत्पन्न होता है।
- फैराडे का द्वितीय नियम (Faraday’s Second Law):
प्रेरित emf का परिमाण चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है।
e=−dϕdte = -\frac{d\phi}{dt}e=−dtdϕ - लेन्ज़ का नियम (Lenz’s Law):
प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस परिवर्तन का विरोध करती है, जिससे वह उत्पन्न हुई है। - लेन्ज़ के नियम से ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत सिद्ध होता है।
- चुंबकीय फ्लक्स (Magnetic Flux):
ϕ=BAcosθ\phi = B A \cos\thetaϕ=BAcosθ
जहाँ B = चुंबकीय क्षेत्र, A = क्षेत्रफल, θ = कोण। - प्रेरित emf का SI मात्रक: वोल्ट (Volt)।
- प्रेरित धारा का SI मात्रक: ऐम्पियर (Ampere)।
- स्थिर फ्लक्स (Constant Flux) से कोई emf उत्पन्न नहीं होता।
- फैराडे ने प्रयोग करके प्रेरण का नियम खोजा था — 1831 में।
- गति प्रेरण (Motional Induction):
जब कोई चालक चुंबकीय क्षेत्र में गति करता है तो emf उत्पन्न होता है।
e=Blvsinθe = B l v \sin\thetae=Blvsinθ - स्व-प्रेरण (Self Induction):
जब एक कुंडली में धारा के परिवर्तन से स्वयं उसी में emf उत्पन्न होता है। - पारस्परिक प्रेरण (Mutual Induction):
जब एक कुंडली की धारा में परिवर्तन से दूसरी निकटवर्ती कुंडली में emf उत्पन्न होता है। - स्व-प्रेरण गुणांक (Self Inductance, L):
e=−Ldidte = -L \frac{di}{dt}e=−Ldtdi
L का मात्रक — हेनरी (Henry)। - पारस्परिक प्रेरण गुणांक (Mutual Inductance, M):
e2=−Mdi1dte_2 = -M \frac{di_1}{dt}e2=−Mdtdi1 - हेनरी (Henry):
यदि एक सेकंड में 1 ऐम्पियर प्रति सेकंड की दर से धारा परिवर्तन पर 1 वोल्ट emf उत्पन्न हो, तो प्रेरण 1 हेनरी कहलाता है। - फ्लेमिंग का दाहिना हाथ नियम (Right-Hand Rule):
प्रेरित emf या धारा की दिशा ज्ञात करने के लिए उपयोग किया जाता है। - फ्लेमिंग का बायां हाथ नियम (Left-Hand Rule):
विद्युत मोटर में बल की दिशा ज्ञात करने के लिए प्रयोग किया जाता है। - स्वप्रेकता (Inductance) किसी परिपथ की विद्युत जड़ता (Electrical Inertia) को दर्शाता है।
- . का संग्रहण (Energy Stored) कुंडली में:
U=12LI2U = \frac{1}{2} L I^2U=21LI2 - घूर्णनशील चुंबक में emf उत्पन्न होने का कारण: चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन।
- चुम्बकीय फ्लक्स का SI मात्रक: वेबर (Weber, Wb)।
- 1 वेबर = 1 टेस्ला × 1 मी²
- लेन्ज़ का नियम ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का परिणाम है।
- एडी करंट (Eddy Currents):
धातु की ठोस वस्तुओं में प्रेरित धारा का घूमता हुआ स्वरूप। - डी करंट के उपयोग:
ब्रेकिंग सिस्टम
मेटल डिटेक्टर
इंडक्शन भट्टी
स्पीडोमीटर - एडी करंट की हानि को कम करने के लिए:
लैमिनेटेड आयरन कोर का प्रयोग किया जाता है। - डायनेमो का सिद्धांत:
वैधुत् चुम्बकीय प्रेरण पर आधारित है। - ट्रांसफॉर्मर का सिद्धांत:
पारस्परिक प्रेरण (Mutual Induction) पर आधारित है। - इंडक्शन कुकर:
परिवर्तित चुंबकीय क्षेत्र से धातु में प्रेरित धारा द्वारा गर्मी उत्पन्न करता है। - विद्युत चुंबकीय प्रेरण का मुख्य सिद्धांत:
बदलता चुंबकीय फ्लक्स → प्रेरित emf → प्रेरित धारा।