पहला चरण: 50 वास्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर —
प्रश्न 1 : ‘एक लेख और एक पत्र’ पाठ के लेखक कौन हैं?
उत्तर: भगत सिंह।
प्रश्न 2 : भगत सिंह ने कैसी मृत्यु को सुंदर बताया है?
उत्तर: देश के सेवा के बदले दी गई फाँसी।
प्रश्न 3 : भगत सिंह का जन्म कब हुआ था?
उत्तर: 1907 ई. में।
प्रश्न 4 : भगत सिंह ने किस पत्र के संपादक को पत्र लिखा था?
उत्तर: प्रताप के संपादक गणेश शंकर विद्यार्थी को।
प्रश्न 5 : भगत सिंह के अनुसार आत्महत्या क्या होता है?
उत्तर: दुखों से बचने का कायरो के लिए मार्ग
प्रश्न 6 : भगत सिंह ने विद्यार्थियों को राजनीति से दूर रखने वाली सरकार की कौन-सी राय पर कुपित हो गए थे?
उत्तर: छात्रों को राजनीति से दूर रखने की।
प्रश्न 7 : भगत सिंह ने किस दल का गठन 1926 में किया?
उत्तर: नौजवान भारत सभा।
प्रश्न 8 : भगत सिंह ने किस घटना से प्रेरित होकर क्रांतिकारी बने?
उत्तर: जलियाँवाला बाग हत्याकांड।
प्रश्न 9 : पत्र में भगत सिंह ने कितने मुख्य विषयों पर विचार किया?
उत्तर: चार (आत्महत्या, जेल जाना, कष्ट सहना, मृत्युदंड)।
प्रश्न 10 : भगत सिंह के अनुसार विद्यार्थी देश के क्या होते हैं?
उत्तर: भावी कर्णधार।
प्रश्न 11 : भगत सिंह ने किस किताब का अनुवाद किया?
उत्तर: ‘बंदी जीवन’।
प्रश्न 12 : भगत सिंह की मृत्यु कब हुई थी?
उत्तर: 1931 ई. में।
प्रश्न 13 : लेख का शीर्षक क्या है?
उत्तर: विद्यार्थी और राजनीति।
प्रश्न 14 : भगत सिंह ने रूसी साहित्य को महत्वपूर्ण क्यों माना?
उत्तर: क्रांतिकारी विचारों के प्रसार के लिए।
प्रश्न 15 : भगत सिंह के पिता का नाम क्या था?
उत्तर: किशन सिंह।
प्रश्न 16 : भगत सिंह ने अपनी पढ़ाई कब छोड़ दी?
उत्तर: इंटरमीडिएट के बाद।
प्रश्न 17 : पत्र किस मित्र को लिखा गया था?
उत्तर: सुखदेव को।
प्रश्न 18 : भगत सिंह के अनुसार संघर्ष में मरना कैसा है?
उत्तर: आदर्श मृत्यु।
प्रश्न 19 : भगत सिंह ने किसके साथ हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन में शामिल हुए?
उत्तर: चंद्रशेखर आजाद के साथ।
प्रश्न 20 : भगत सिंह का पहला लेख कब प्रकाशित हुआ था?
उत्तर: 1924 ई. में।
प्रश्न 21 : भगत सिंह ने ‘मैं नास्तिक क्यों हूँ’ कब लिखा?
उत्तर: 1930-31 ई. में।
प्रश्न 22 : पत्र में कष्ट सहने को भगत सिंह ने क्या कहा?
उत्तर: क्रांतिकारी का कर्तव्य।
प्रश्न 23 : भगत सिंह का जन्म स्थान कहाँ है?
उत्तर: बंगा गाँव, पंजाब।
प्रश्न 24 : भगत सिंह ने किसके नेतृत्व में सत्याग्रह में भाग लिया?
उत्तर: लाला लाजपत राय के।
प्रश्न 25 : लेख में भगत सिंह ने विद्यार्थियों को क्या सलाह दी?
उत्तर: राजनीतिक जागरण।
प्रश्न 26 : भगत सिंह के चाचा का नाम बताये?
उत्तर: अजीत सिंह।
प्रश्न 27 : भगत सिंह ने ‘बम का दर्शन’ कब लिखा?
उत्तर: 1929 ई. में।
प्रश्न 28 : पत्र में रूसी साहित्य का उल्लेख क्यों?
उत्तर: समाजवादी क्रांति के लिए।
प्रश्न 29 : भगत सिंह की उम्र फाँसी के समय कितनी वर्ष थी?
उत्तर: 23 वर्ष।
प्रश्न 30 : भगत सिंह ने किस पत्रिका में लेख लिखे?
उत्तर: प्रताप।
प्रश्न 31 : भगत सिंह के अनुसार राजनीति से दूर रहना क्या होता है?
उत्तर: कायरता।
प्रश्न 32 : भगत सिंह के भाई-बहनों के नाम क्या हैं बताइए?
उत्तर: कुलबीर सिंह और कुलतार सिंह।
प्रश्न 33 : गणेश शंकर विद्यार्थी किस पत्र के संपादक थे?
उत्तर: प्रताप।
प्रश्न 34 : भगत सिंह ने कब हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन जॉइन किया?
उत्तर: 1924 ई. में।
प्रश्न 35 : पत्र में आत्महत्या को भगत सिंह ने क्यों नकार दिया?
उत्तर: यह संघर्ष का त्याग है।
प्रश्न 36 : भगत सिंह का अंतिम वाक्य क्या था?
उत्तर: सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है।
प्रश्न 37 : लेख में भगत सिंह ने किस समस्या पर जोर दिया था?
उत्तर: अछूत समस्या।
प्रश्न 38 : भगत सिंह ने किसके आत्मकथा का अनुवाद किया?
उत्तर: डॉन ब्रीन की।
प्रश्न 39 : भगत सिंह के अनुसार सुंदर मृत्यु क्या होता bहै?
उत्तर: अपने देश या आदर्श के लिए बलिदान।
प्रश्न 40 : भगत सिंह ने कब नौजवान भारत सभा की स्थापना की?
उत्तर: 1926 ई. में।
प्रश्न 41 : पत्र में जेल जीवन को भगत सिंह ने कैसे देखा?
उत्तर: संघर्ष का माध्यम।
प्रश्न 42 : भगत सिंह का पहला गिरफ्तारी कब हुई?
उत्तर: 1926 ई. में।
प्रश्न 43 : भगत सिंह ने ‘युवक’ लेख कब लिखा?
उत्तर: 1924 ई. मे
प्रश्न 44 : भगत सिंह के अनुसार क्रांति का आधार क्या है?
उत्तर: राष्ट्रीयता और समाजवाद।
प्रश्न 45 : भगत सिंह ने किसके साथ लाहौर षड्यंत्र में भाग लिया?
उत्तर: सुखदेव और राजगुरु के साथ।
प्रश्न 46 : पत्र में मृत्युदंड को भगत सिंह ने क्या कहा?
उत्तर: सुंदर यदि देश के लिए हो।
प्रश्न 47 : भगत सिंह ने कब एस.एस.एस. में दाखिला लिया?
उत्तर: 1923 ई. में।
प्रश्न 48 : भगत सिंह का ‘विश्वप्रेम’ लेख कब प्रकाशित हुआ?
उत्तर: 1924 ई. में।
प्रश्न 49 : भगत सिंह ने राजनीति को विद्यार्थी जीवन का हिस्सा क्यों माना?
उत्तर: देश का निर्माण के लिए।
प्रश्न 50 : भगत सिंह के अनुसार रूसी साहित्य का महत्व क्या है?
उत्तर: क्रांतिकारी प्रेरणा।
दूसरा चरण: 20 लघु उत्तरीय प्रश्न -उत्तर —
प्रश्न: 1 भगत सिंह ने विद्यार्थियों को राजनीति में भाग लेने क्यों कहा है?
उत्तर: विद्यार्थी देश के भावी कर्णधार हैं। वे राजनीतिक जागरण से राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे। भगत सिंह ने कहा कि राजनीति से दूर रहना कायरता है; यह देश सेवा का एक माध्यम है।
प्रश्न 2 : भगत सिंह ने आत्महत्या को गलत क्यों कहा है?
उत्तर: आत्महत्या कुछ दुखों से बचने का कायरतापूर्ण रास्ता है। क्रांतिकारी को संघर्ष में कष्ट सहना चाहिए, न कि जीवन त्यागना। यह आदर्श जीवन का विरुद्ध है।
प्रश्न 3 : भगत सिंह ने जेल जीवन को कैसे देखा?
उत्तर: जेल क्रांतिकारी के लिए संघर्ष का केंद्र है। भगत सिंह ने इसे कष्ट सहने का अवसर माना, जहाँ विचारों का प्रसार होता है।
प्रश्न 4 : भगत सिंह की मृत्यु को इतिहास मे सुंदर क्यों कहा गया है?
उत्तर: देश सेवा के लिए दी गई फाँसी एक आदर्श मृत्यु है। भगत सिंह ने कहा कि संघर्ष में मरना श्रेष्ठ है, जो लाखों को प्रेरित करता है।
प्रश्न 5 : भगत सिंह ने रूसी साहित्य का उल्लेख क्यों किया है?
उत्तर: रूसी साहित्य क्रांतिकारी विचारों से भरा है। भगत सिंह ने इसे समाजवादी क्रांति की प्रेरणा बताया, जो युवाओं को जागृत करता है।
प्रश्न 6 : भगत सिंह का जलियाँवाला बाग से संबंध क्या था?
उत्तर: 12 वर्ष की आयु में जलियाँवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह को क्रांतिकारी बनाया। इससे उन्होंने ब्रिटिश अत्याचार देखा और भारत को स्वतंत्र कराने का संकल्प लिया।
प्रश्न 7 : नौजवान भारत सभा का उद्देश्य क्या था?
उत्तर: युवाओं में राष्ट्रीयता और समाजवादी विचारों का प्रसार। भगत सिंह ने 1926 में इसे गठित किया ताकि क्रांति का आधार बने।
प्रश्न 8 : भगत सिंह ने सरकार की राय पर क्यों कुपित हुए?
उत्तर: सरकार विद्यार्थियों को राजनीति से दूर रखना चाहती थी। भगत सिंह ने इसे गलत माना, क्योंकि युवा ही देश मे परिवर्तन लाएंगे।
प्रश्न 9 : भगत सिंह के लेख ‘मैं नास्तिक क्यों हूँ’ का सार बताओ।
उत्तर: भगत सिंह ने धार्मिक अंधविश्वास को नकारा। उन्होंने तर्कसंगत समाजवाद को अपनाया, जो विज्ञान पर आधारित है।
प्रश्न 10 : भगत सिंह ने कष्ट सहना क्यों आवश्यक माना?
उत्तर: कष्ट क्रांतिकारी को मजबूत बनाते हैं। भगत सिंह ने कहा कि संघर्ष बिना कष्ट के अधूरा है; यह आदर्श जीवन का हिस्सा है।
प्रश्न 11 : भगत सिंह का प्रताप पत्र से संबंध क्या था?
उत्तर: प्रताप में उनके लेख प्रकाशित हुए। गणेश शंकर विद्यार्थी को पत्र लिखकर उन्होंने क्रांतिकारी विचार साझा किए।
प्रश्न 12 : भगत सिंह ने ‘बम का दर्शन’ में क्या कहा?
उत्तर: बम अत्याचार के विरुद्ध आवाज है। यह हिंसा नहीं, बल्कि न्याय की मांग है, जो क्रांति को गति देता है।
प्रश्न 13 : भगत सिंह का अछूत समस्या पर विचार क्या था?
उत्तर: अछूतों को समान अधिकार मिलना चाहिए। भगत सिंह ने समाजवाद के माध्यम से जातिवाद उन्मूलन की वकालत की।
प्रश्न 14 : भगत सिंह ने पढ़ाई क्यों छोड़ी?
उत्तर: स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के लिए। इंटर के बाद उन्होंने क्रांतिकारी दल जॉइन किया। (
प्रश्न 15 : पत्र में मृत्युदंड को भगत सिंह ने कैसे स्वीकारा?
उत्तर: यदि देश के लिए हो, तो यह सुंदर बलिदान है। यह लाखों को जागृत करेगा।
प्रश्न 16 : भगत सिंह का लाला लाजपत राय से संबंध बताओ।
उत्तर: लाला जी की मृत्यु का बदला लेने के लिए सांडर्स की हत्या की। यह भगत सिंह की देशभक्ति का प्रमाण है।
प्रश्न 17 : भगत सिंह ने युवकों को क्या सलाह दी?
उत्तर: युवक क्रांति के सिपाही हैं। उन्हें राजनीतिक जागरण और संघर्ष अपनाना चाहिए।
प्रश्न 18 : भगत सिंह का समाजवाद से लगाव क्यों?
उत्तर: समाजवाद समानता लाता है। भगत सिंह ने इसे ब्रिटिश शोषण के विरुद्ध हथियार माना।
प्रश्न 19 : भगत सिंह के अनुसार राजनीति का महत्व क्या है?
उत्तर: राजनीति से राष्ट्र निर्माण होता है। विद्यार्थी इसमें भाग लेकर भविष्य गढ़ेंगे।
प्रश्न 20 : भगत सिंह का विश्वप्रेम लेख का सार बताओ।
उत्तर: विश्वप्रेम मानवता का आधार है। भगत सिंह ने राष्ट्रीयता के साथ वैश्विक एकता की बात की।
तीसरा चरण : 10 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न – उत्तर —
प्रश्न 1 : भगत सिंह के लेख ‘विद्यार्थी और राजनीति’ का सारांश लिखो।
उत्तर: भगत सिंह के लेख में विद्यार्थियों को राजनीति में भाग लेने का आह्वान है। वे कहते हैं कि विद्यार्थी देश के भावी कर्णधार हैं, अतः राजनीतिक जागरण आवश्यक है। सरकार की राय कि छात्र राजनीति से दूर रहें, वे कायरतापूर्ण मानते हैं। राजनीति से वे राष्ट्र सेवा समझते हैं, जो युवाओं को क्रांतिकारी बनाएगी। जालियाँवाला बाग जैसी घटनाओं से प्रेरित होकर उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बिना शिक्षा व्यर्थ है। नौजवान भारत सभा जैसे संगठनों से युवाओं को संगठित करने की वकालत की। यह लेख समाजवादी विचारों पर आधारित है, जो शोषणमुक्त समाज की कल्पना करता है। भगत सिंह की यह रचना आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है।
प्रश्न 2 : भगत सिंह के पत्र में आत्महत्या और मृत्युदंड पर उनके विचारों की विवेचना करो।
उत्तर: भगत सिंह के पत्र में आत्महत्या को उन्होंने कायरता कहा, जो दुखों से भागने का मार्ग है। क्रांतिकारी को संघर्ष में डटना चाहिए। वहीं, मृत्युदंड को यदि देश सेवा के लिए हो, तो सुंदर माना। फाँसी आदर्श बलिदान है, जो लाखों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि संघर्ष में मरना श्रेष्ठ है। यह विचार रूसी क्रांतिकारियों से प्रेरित हैं। पत्र जेल से लिखा गया, जहाँ कष्ट सहते हुए भी उन्होंने आशावाद दिखाया। यह दर्शाता है कि भगत सिंह का जीवन यथार्थवादी और वैचारिक था। उनके विचार आजादी के संघर्ष को मजबूत करते हैं।
प्रश्न 3 : भगत सिंह ने सत्याग्रह और हड़तालों पर क्या कहा?
उत्तर: भगत सिंह ने सत्याग्रह को अहिंसक लेकिन अपर्याप्त माना। हड़तालें मजदूर वर्ग की शक्ति हैं। लेखों में कहा कि ये ब्रिटिश शोषण के विरुद्ध हैं, लेकिन पूर्ण क्रांति के लिए हिंसक संघर्ष जरूरी। गांधीजी के आंदोलनों में भाग लिया, लेकिन समाजवाद को प्राथमिकता दी।
प्रश्न 4 : भगत सिंह का पंजाब भाषा-लिपि समस्या पर लेख।
उत्तर: 1924 के लेख में भगत सिंह ने पंजाब में हिंदी-उर्दू विवाद सुलझाने की अपील की। भाषा एकता राष्ट्रीय एकता का आधार है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश विभाजन नीति को नाकाम करना चाहिए। यह लेख उनके प्रारंभिक वैचारिक योगदान को दर्शाता है।
प्रश्न 5 : भगत सिंह का युवक लेख का सार।
उत्तर: ‘युवक’ लेख में भगत सिंह ने युवाओं को जागृत किया। युवा ही परिवर्तन लाएंगे। आलस्य त्यागकर राजनीतिक सक्रियता अपनाओ। समाजवाद और राष्ट्रीयता से शोषण समाप्त होगा। यह 1924 का लेख युवा शक्ति पर जोर देता है।
प्रश्न 6 : भगत सिंह ने जेल में क्या अनुवाद किए?
उत्तर: जेल में भगत सिंह ने शचीन्द्रनाथ सान्याल की ‘बंदी जीवन’ और डॉन ब्रीन की ‘आत्मकथा’ का अनुवाद किया। ये क्रांतिकारियों के अनुभवों पर आधारित हैं, जो संघर्ष सिखाते हैं। अनुवाद से विचार प्रसार हुआ।
प्रश्न 7 : भगत सिंह का परिवारिक पृष्ठभूमि और प्रभाव।
उत्तर: भगत सिंह का जन्म क्रांतिकारी परिवार में हुआ। पिता किशन सिंह, चाचा अजीत सिंह स्वतंत्रता सेनानी थे। इससे बचपन से देशभक्ति मिली। परिवार ने उन्हें राजनीतिक जागरण दिया, जो उनके जीवन का आधार बना।
प्रश्न 8 : भगत सिंह के विचारों में समाजवाद का स्थान।
उत्तर: भगत सिंह के विचार समाजवादी हैं। उन्होंने पूँजीवादी शोषण को नकारा। रूस क्रांति से प्रेरित होकर समानता वाली व्यवस्था चाही। लेखों में मजदूर-किसान सशक्तिकरण पर जोर दिया। यह उनके क्रांतिकारी दर्शन का मूल है।
प्रश्न 9 : भगत सिंह का असेंबली बम कांड का महत्व।
उत्तर: 1929 के बम कांड से भगत सिंह ने ब्रिटिश संसद को चुनौती दी। बम फेंककर घोषणा की कि हमारी क्रांति जारी रहेगी। इससे वैचारिक प्रचार हुआ, न कि हिंसा। यह घटना स्वतंत्रता आंदोलन को गति दी।
प्रश्न 10 : भगत सिंह के अंतिम क्षणों का वर्णन करो।
उत्तर: 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु को फाँसी दी गई। उन्होंने हँसते हुए गीत गाया और ‘इनकिलाब जिंदाबाद’ का नारा दिया। मृत्यु से पूर्व माँ को पत्र लिखा। यह बलिदान अमर है।