आज के समय में मोबाइल रिचार्ज हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। हर महीने लाखों लोग प्रीपेड और पोस्टपेड रिचार्ज कराते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को पता होता है कि हर रिचार्ज पर कैशबैक भी पाया जा सकता है। अगर आप सही तरीका अपनाएं तो एक साल में सैकड़ों से लेकर हजारों रुपये तक की बचत कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि हर रिचार्ज पर कैशबैक कैसे मिलेगा और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
सबसे पहला तरीका है UPI और डिजिटल पेमेंट ऐप्स का इस्तेमाल। PhonePe, Google Pay, Paytm, Amazon Pay जैसे ऐप समय-समय पर मोबाइल रिचार्ज पर कैशबैक ऑफर देते रहते हैं। कई बार ये ऐप “पहले रिचार्ज पर कैशबैक”, “स्क्रैच कार्ड ऑफर” या “कैशबैक कूपन” के रूप में फायदा देते हैं। अगर आप हर बार अलग-अलग ऐप से रिचार्ज करते हैं, तो नए ऑफर का फायदा आसानी से उठा सकते हैं।
दूसरा तरीका है ई-कॉमर्स और वॉलेट प्लेटफॉर्म। Amazon Pay और Flipkart जैसे प्लेटफॉर्म पर मोबाइल रिचार्ज करने पर सीधे वॉलेट बैलेंस में कैशबैक मिल जाता है। यह कैशबैक अगली शॉपिंग या रिचार्ज में इस्तेमाल किया जा सकता है। कई बार फेस्टिव सीजन में ये प्लेटफॉर्म ज्यादा कैशबैक देते हैं।
तीसरा तरीका है टेलीकॉम कंपनियों के खुद के ऐप। Jio, Airtel और Vi अपने-अपने ऐप में लॉयल्टी ऑफर, कूपन और रिवॉर्ड पॉइंट्स देते हैं। हालांकि इन ऐप्स में कैशबैक सीधे पैसे के रूप में नहीं, बल्कि डिस्काउंट या अतिरिक्त डेटा/टॉकटाइम के रूप में मिलता है, फिर भी यह रिचार्ज को सस्ता बना देता है।
चौथा तरीका है क्रेडिट और डेबिट कार्ड ऑफर। कई बैंक मोबाइल रिचार्ज पर 5% से 10% तक का कैशबैक देते हैं। खासकर अगर आप चुनिंदा बैंक के कार्ड से UPI या ऐप के जरिए रिचार्ज करते हैं, तो अतिरिक्त फायदा मिल सकता है। कुछ कार्ड पर यह कैशबैक स्टेटमेंट क्रेडिट के रूप में आता है।
पांचवां और अहम तरीका है ऑफर की शर्तों को ध्यान से पढ़ना। अक्सर कैशबैक के लिए न्यूनतम रिचार्ज अमाउंट, एक बार का इस्तेमाल या सीमित समय जैसी शर्तें होती हैं। अगर आप इन शर्तों को नहीं समझते, तो कैशबैक मिस हो सकता है।
Conclusion
कहा जाए तो हर रिचार्ज पर कैशबैक पाना बिल्कुल संभव है, बस आपको सही प्लेटफॉर्म, सही समय और सही ऑफर चुनना होगा। अगर आप थोड़ी समझदारी से रिचार्ज करेंगे, तो मोबाइल खर्च के साथ-साथ अच्छी-खासी बचत भी कर पाएंगे।