पहला चरण : 50 वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर
प्रश्न 1 : ‘रोज’ कहानी के लेखक कौन हैं?
उत्तर: अज्ञेय
प्रश्न 2 : अज्ञेय का जन्म कब हुआ था?
उत्तर: 7 मार्च, 1911
प्रश्न 3 : ‘रोज’ कहानी का पूर्व नाम क्या था?
उत्तर: गैंग्रीन
प्रश्न 4 : ‘रोज’ कहानी की नायिका है?
उत्तर: मालती
प्रश्न 5 : अज्ञेय के पिता का नाम था?
उत्तर: पं. हीरानंद शास्त्री
प्रश्न 6 : अज्ञेय की माता का नाम था?
उत्तर: व्यंती देवी
प्रश्न 7 : अज्ञेय का मूल निवास स्थान कहाँ था?
उत्तर: जबलपुर, मध्य प्रदेश
प्रश्न 8 : अज्ञेय का निधन कब हुआ?
उत्तर: 4 अप्रैल, 1987
प्रश्न 9 : अज्ञेय का उपन्यास कौन-सा है?
उत्तर: शेखर: एक जीवनी
प्रश्न 10 : अज्ञेय की प्रमुख कविता संग्रह कौन-सा है?
उत्तर: कितनी नावों में कितनी बार
प्रश्न 11 : ‘रोज’ कहानी में अतिथि कौन है?
उत्तर: मालती के दूर के रिश्तेदार का भाई
प्रश्न 12 : लेखक मालती के घर पहुँचने के लिए कितनी दूर पैदल चला था?
उत्तर: 18 मील
प्रश्न 13 : ‘रोज’ शीर्षक कहानी में किसने पूछा “तुम कुछ पढ़ती-लिखती नहीं?”
उत्तर: अतिथि
प्रश्न 14 : ‘रोज’ कहानी में मालती मिट्टी का बर्तन गर्म पानी से क्यों धो रही है?
उत्तर: चाय बनाने के लिए
प्रश्न 15 : अज्ञेय जी किस स्वभाव के थे?
उत्तर: अंतर्मुखी
प्रश्न 16 : अज्ञेय का व्यक्तित्व कैसा था?
उत्तर: सुंदर, लंबा, गठीला
प्रश्न 17 : लेखक कितने वर्ष बाद मालती से मिलने आया था? उत्तर: 10 वर्ष
प्रश्न 18 : ‘रोज’ कहानी में मालती का पति किस पेशे से जुड़ा था?
उत्तर: चिकित्सक
प्रश्न 19 : मालती का पति का नाम क्या था?
उत्तर: महेश्वर
प्रश्न 20 : मालती का बच्चा कितने वर्ष का था?
उत्तर: तीन वर्ष
प्रश्न 21 : ‘रोज’ कहानी का प्रतिपाद्य क्या है?
उत्तर: दैनिक जीवन की एकरसता
प्रश्न 22 : अज्ञेय की पहली कहानी कब प्रकाशित हुई?
उत्तर: 1931
प्रश्न 23 : ‘रोज’ कहानी का अंत किस घंटे की खरकन से होता है?
उत्तर: ग्यारह बजे
प्रश्न 24 : ‘रोज’ कहानी में ग्रैंग्रीन का उल्लेख किससे है?
उत्तर: महेश्वर की बीमारी
प्रश्न 25 : ‘रोज’ कहानी में डिस्पेंसरी का उल्लेख किससे है? उत्तर: महेश्वर के कार्यस्थल
प्रश्न 26 : अज्ञेय ने कितने सप्ताह का संपादन किया?
उत्तर: तर सप्तक, द्वितीय सप्तक, तृतीय सप्तक
प्रश्न 27 : अज्ञेय को ज्ञानपीठ पुरस्कार किस रचना पर मिला? उत्तर: कितनी नावों में कितनी बार
प्रश्न 28 : ‘रोज’ कहानी की भाषा शैली कैसी है?
उत्तर: सरल और प्रवाहपूर्ण
प्रश्न 29 : कहानी में पानी की कमी का उल्लेख क्यों है?
उत्तर: दैनिक समस्या के रूप में
प्रश्न 30 : मालती का व्यवहार अतिथि के प्रति कैसा था? उत्तर: उदासीन
प्रश्न 31 : ‘रोज’ कहानी में बचपन की स्मृतियाँ कब उभरती हैं?
उत्तर: अतिथि के आने पर
प्रश्न 32 : अज्ञेय का मूल नाम क्या था?
उत्तर: सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन
प्रश्न 33 : कहानी का अंतिम वाक्य क्या है?
उत्तर: 11 बज गए
प्रश्न 34 : ‘रोज’ कहानी में शिशु का उल्लेख किससे है?
उत्तर: मालती के पुत्र
प्रश्न 35 : महेश्वर का दैनिक जीवन कैसा था?
उत्तर: यांत्रिक
प्रश्न 36 : ‘रोज’ कहानी की पृष्ठभूमि क्या है?
उत्तर: ग्रामीण
प्रश्न 37 : अतिथि मालती से क्या पूछता है?
उत्तर: पढ़ाई-लिखाई के बारे में
प्रश्न 38 : अज्ञेय ने कितनी वर्ष की उम्र में कविता लिखना शुरू किया था?
उत्तर: 8 वर्ष
प्रश्न 39 : बचपन में अज्ञेय ने कौन-सा नाटक लिखा?
उत्तर: प्रियदर्शी
प्रश्न 40 : ‘रोज’ कहानी में चंद्रमा का उल्लेख किस संदर्भ में है?
उत्तर: चंद्रिका रात्रि का आनंद
प्रश्न 41 : ‘नदी के द्वीप’ किसकी रचना है?
उत्तर: अज्ञेय
प्रश्न 42 : अज्ञेय ने इंटर कहाँ से किया था?
उत्तर: काशी हिंदू विश्वविद्यालय
प्रश्न 43 : मालती के पति किस बीमारी का ऑपरेशन करके आए थे?
उत्तर: ग्रैंग्रीन
प्रश्न 44 : ‘रोज’ किस प्रकार की कहानी है?
उत्तर: मनोवैज्ञानिक
प्रश्न 45 : कहानी में घंटों का उल्लेख कितनी बार होता है? उत्तर: बार-बार
प्रश्न 46 : ‘रोज’ कहानी में अतिथि का स्वागत किस प्रकार हुआ था?
उत्तर: औपचारिक
प्रश्न 47 : अज्ञेय की कौन-सी रचना नहीं है?
उत्तर: तिरिछ
प्रश्न 48 : ‘रोज’ कहानी में कौन-सा पात्र डॉक्टरी पेशा से जुड़ा था?
उत्तर: महेश्वर
प्रश्न 49 : अज्ञेय जी ने पहली कहानी किस पत्रिका में प्रकाशित की?
उत्तर: विमला
प्रश्न 50 : ‘रोज’ कहानी घंटों की किस खरकन के साथ समाप्त होती है?
उत्तर: ग्यारह बजे की
दूसरा चरण: 10 लघु प्रश्न उत्तर
प्रश्न 1 : ‘रोज’ कहानी के लेखक का स्पष्ट परिचय दें।
उत्तर: सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ हिंदी के प्रमुख आधुनिक कवि, उपन्यासकार और कहानीकार थे। उनका जन्म 7 मार्च 1911 को कुशीनगर (उ.प्र.) में हुआ। वे अंतर्मुखी स्वभाव के थे। प्रमुख रचनाएँ: शेखर: एक जीवनी, नदी के द्वीप, कितनी नावों में कितनी बार।
इनका निधन: 4 अप्रैल 1987 को हुआ था।
प्रश्न 2 : ‘रोज’ कहानी का पूर्व नाम क्या था और इसे क्यों बदला गया?
उत्तर: ‘रोज’ कहानी का पूर्व नाम ‘गैंग्रीन’ था। नाम बदलने का कारण कहानी का केंद्रीय विषय दैनिक जीवन की एकरसता पर आधारित होना था, न कि बीमारी पर।
प्रश्न 3 : मालती के घर का वातावरण कैसा था?
उत्तर: मालती के घर का वातावरण उदासीन और यांत्रिक था। अतिथि का स्वागत औपचारिक था, कोई उत्साह नहीं। पानी की कमी, शिशु की चीखें और दैनिक चिंताएँ घर को थका हुआ बनाती थी।
प्रश्न 4 : अतिथि का स्वागत कैसे किया गया?
उत्तर: अतिथि का स्वागत औपचारिक था। मालती ने पंखा झलाया, कुशलक्षेम पूछा बिना। चाय बनाई, लेकिन बातचीत संक्षिप्त और उदासीन रही।
प्रश्न 5 : मालती के बचपन की स्मृतियाँ क्या थीं, बताये?
उत्तर: मालती बचपन में चंचल लड़की थी। अतिथि के आने पर लेखक को स्कूल के दिनों की याद आई, जब वे साथ खेलते थे। लेकिन अब वह थकी हुई लगती है।
प्रश्न 6 : मालती का दैनिक जीवन कैसा था?
उत्तर: मालती का जीवन यांत्रिक था। रोज पानी लाना, बच्चे देख-रेख करना, पति के भोजन की चिंता। कोई पढ़ाई-लिखाई नहीं, केवल दैनिक संघर्ष।
प्रश्न 7 : महेश्वर का नित्य कर्म क्या था?
उत्तर: महेश्वर रोज सुबह डिस्पेंसरी मे जाते, दोपहर भोजन और आराम के लिए लौटते, शाम फिर जाते। ग्रैंग्रीन ऑपरेशन के बाद भी यही उनकी दिनचर्या थी।
प्रश्न 8 : कहानी में ‘रोज’ शब्द का क्या महत्व है?
उत्तर: ‘रोज’ शब्द दैनिक जीवन की एकरसता दर्शाता है। मालती कहती है, “रोज ही ऐसा होता है” – पानी, गिरना, चिंताएँ सब रोजमर्रा की।
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प्रश्न 9 : चंद्रिका का वर्णन कैसे है?
उत्तर: चंद्रिका शांत और मोहक है, लेकिन मालती के जीवन में इसका कोई स्थान नहीं। अतिथि और महेश्वर बाहर आनंद लेते हैं, मालती अंदर व्यस्त।।
प्रश्न 10 : मालती की मानसिक स्थिति क्या थी?
उत्तर: मालती अंतर्द्वंद्वग्रस्त और थकी हुई थी। बचपन की स्मृतियाँ उभरती हैं, लेकिन वर्तमान की एकरसता उसे असंज्ञा की अवस्था में डाल देती है।
तीसरा चरण: 10 दीर्घ प्रश्न उत्तर
प्रश्न 1 : ‘रोज’ कहानी का सारांश लिखे।
उत्तर: ‘रोज’ कहानी अज्ञेय द्वारा लिखित मनोवैज्ञानिक कृति है। अतिथि (लेखक का प्रतिनिधि) मालती के घर पहुँचता है। मालती, एक कुलवधू, यांत्रिक जीवन जी रही है। बचपन की स्मृतियाँ उभरती हैं, लेकिन वर्तमान की एकरसता – पानी की कमी, बच्चो की चीखें, पति महेश्वर की डिस्पेंसरी दिनचर्या – सब रोजमर्रा का। चंद्रिका में पुरुष आनंद लेते हैं, मालती व्यस्त। कहानी 11 बजे की घंटी से समाप्त, जीवन की निरंतरता दर्शाती। दैनिक जीवन का दुःख दर्द
प्रश्न 2 : मालती के चरित्र की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: मालती कुलवधू है, लेकिन जीवन की एकरसता ने उसे थका दिया। बचपन में चंचल, और अब उदासीन। अतिथि से औपचारिक व्यवहार, पढ़ाई-लिखाई छोड़ दी। शिशु संभालना, पानी लाना – सब यांत्रिक। अंतर्द्वंद्व में खोई, लेकिन जीवन बहता रहता। अज्ञेय ने उसके मनोवैज्ञानिक चित्रण से स्त्री की दशा दिखाई।
प्रश्न 3 : कहानी में दैनिक जीवन की एकरसता का चित्रण कैसे हुआ, बताये?
उत्तर: कहानी ‘रोज’ शीर्षक से ही एकरसता दर्शाती। मालती रोज पानी, शिशु, भोजन की चिंता। महेश्वर की डिस्पेंसरी वाली दिनचर्या। घंटों का बार-बार उल्लेख समय की गति दिखाता। चंद्रिका भी जीवन रोक नहीं पाती। यह ग्रामीण मध्यमवर्गीय जीवन की असली सच्चाई है।
प्रश्न 4 : अज्ञेय के साहित्य में मनोविज्ञान का योगदान समझाइए।
उत्तर: अज्ञेय आधुनिक हिंदी के मनोवैज्ञानिक लेखक हैं। ‘रोज’ में मालती का अंतर्द्वंद्व, स्मृतियों का उभरना, थकान का चित्रण मनोवैज्ञानिक है। उनकी रचनाएँ आंतरिक संघर्ष पर केंद्रित, जैसे शेखर में आत्मकथा। यह प्रयोगधर्मिता हिंदी को नया आयाम देती।
प्रश्न 5 : महेश्वर के चरित्र का वर्णन करे।
उत्तर: महेश्वर चिकित्सक हैं, ग्रैंग्रीन से पीड़ित लेकिन दिनचर्या अपरिवर्तित। रोज डिस्पेंसरी, ऑपरेशन – यांत्रिक जीवन। अतिथि से संवाद औपचारिक। वह मालती के संघर्ष से अनभिज्ञ लगते। चरित्र पुरुष की उदासीनता दर्शाता।।
प्रश्न 6 : कहानी में प्रकृति का चित्रण करे?
उत्तर: चंद्रिका शांत और मोहक चित्रित, लेकिन मानव जीवन की भागदौड़ से विपरीत। यह जीवन की सुंदरता को अनदेखा करने का प्रतीक। घंटों की खरकन प्रकृति की निरंतरता दिखाती।
प्रश्न 7 : ‘रोज’ कहानी का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: प्रतिपाद्य दैनिक जीवन की एकरसता और थकान है। मालती का यांत्रिक जीवन, स्मृतियों का द्वंद्व, पुरुषों की उदासीनता – सब स्त्री दशा दिखाते। अज्ञेय ने आधुनिक जीवन की खोखलापन उजागर किया।
प्रश्न 8 : अतिथि की भूमिका क्या है?
उत्तर: अतिथि (लेखक) माध्यम है। वह मालती से मिलकर स्मृतियाँ जगाता, लेकिन जीवन की वास्तविकता देखकर उदास। वह कहानी का दृष्टिकोण प्रदान करता, पाठक को चिंतन के लिए प्रेरित।
प्रश्न 9 : कहानी की भाषा शैली का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर: भाषा सरल, प्रवाहपूर्ण और मनोवैज्ञानिक। संवाद संक्षिप्त, वर्णन जीवंत। ‘रोज’ का पुनरावृत्ति प्रभाव उत्पन्न करता। अज्ञेय की शैली आधुनिक और संवेदनशील।
प्रश्न 10 : ‘रोज’ और अज्ञेय की अन्य रचनाओं में समानता?
उत्तर: ‘रोज’ में मनोवैज्ञानिकता ‘शेखर’ जैसी। एकरसता ‘नदी के द्वीप’ में। अज्ञेय की रचनाएँ आंतरिक संघर्ष पर, प्रयोगधर्मी।