पहला चरण: 50 वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर
- ‘ओ सदानीरा’ के लेखक कौन हैं?
उत्तर: जगदीशचन्द्र माथुर - जगदीशचन्द्र माथुर का जन्म कब हुआ?
उत्तर: 16 जुलाई 1917 - जगदीशचन्द्र माथुर की मृत्यु कब हुई?
उत्तर: 14 मई 1978 - ‘ओ सदानीरा’ निबंध किस पुस्तक से लिया गया है?
उत्तर: बोलते क्षण - ‘ओ सदानीरा’ किस नदी को निमित्त बनाकर लिखा गया है?
उत्तर: गंडक - ‘ओ सदानीरा’ निबंध बिहार के किस क्षेत्र की संस्कृति पर आधारित है?
उत्तर: चम्पारण - चम्पारण में बाढ़ की प्रचंडता का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: जंगलों का कटना - जगदीशचन्द्र माथुर मूलतः क्या थे?
उत्तर: नाटककार - माथुर जी को कौन-सी उपाधि से विभूषित किया गया?
उत्तर: विद्या वारिधि - माथुर जी को कौन-सा पुरस्कार मिला था?
उत्तर: कालिदास अवार्ड तथा बिहार राजभाषा पुरस्कार - वैशाली महोत्सव का बीजारोपण किसने किया?
उत्तर: जगदीशचन्द्र माथुर - धांगड़ शब्द का अर्थ ओराँव भाषा में क्या है?
उत्तर: भाड़े का मजदूर - धांगड़ों को कब और क्यों चम्पारण लाया गया?
उत्तर: 18वीं शताब्दी के अंत में नील की खेती के लिए - थारू शब्द किससे विकसित हुआ?
उत्तर: थार (राजस्थान के रेगिस्तान से) - थारुओं की कला का मुख्य अंग क्या है?
उत्तर: दैनिक जीवन - नववधू मस्तक पर क्या रखकर खेत जाती थी?
उत्तर: सुन्दर पीढ़ा (जिससे तीन सीपों वाली लटें लटकती थीं) - तीनकठिया प्रथा का संबंध किससे था?
उत्तर: नील की खेती से - गाँधीजी चम्पारण कब आए?
उत्तर: अप्रैल 1917 - गाँधीजी को शरण किसने दी?
उत्तर: मठ के महंत ने (महुए के पेड़ के नीचे) - पुंडलीक जी कौन थे?
उत्तर: शिक्षक (गाँधीजी द्वारा भितिहरवा भेजे गए) - कर्णाट वंश का शासन बिहार में कब तक रहा?
उत्तर: 12वीं सदी से लगभग 300 वर्ष - राजा हरिसिंह देव को किसका सामना करना पड़ा?
उत्तर: गयासुद्दीन तुगलक (1325 ई.) - आम्रपाली ने तथागत को क्या सौंपा था?
उत्तर: आम्रवन - बराज कहाँ बन रहा था?
उत्तर: भैंसालोटन में - पंडई नदी कहाँ तक जाती है?
उत्तर: भिखनाथोरी - माथुर जी किस राज्य के शिक्षा-सचिव बने?
उत्तर: मध्य प्रदेश - ‘कोणार्क’ किस विधा की रचना है?
उत्तर: नाटक - ‘ओ मेरे सपने’ क्या है?
उत्तर: नाटक - गौतम बुद्ध का आविर्भाव कब हुआ?
उत्तर: ढाई हजार वर्ष पहले - वसुंधराभोगी मानव और धर्मांध मानव एक ही सिक्के के कितने पहलू हैं?
उत्तर: दो पहलू - सरैयामन ताल का जल कैसा है?
उत्तर: स्थिर - गंडक नदी का जल सदियों से कैसा रहा है?
उत्तर: चंचल - ‘ओ सदानीरा’ में वर्णित मन कैसे ताल हैं?
उत्तर: गहरे और विशाल - नील की खेती का विस्तार कब हुआ?
उत्तर: 19वीं शताब्दी में - अमोलवा कोठी के साहब का नाम क्या था?
उत्तर: एमन साहब - गाँधीजी की झोपड़ी किसने जलायी?
उत्तर: एमन साहब के कर्मचारियों ने - चम्पारण में गाँधीजी ने कितने आश्रम-विद्यालय खोले?
उत्तर: तीन (भितिहरवा, बड़हरवा, मधुबन) - ‘रेशमी टाई’ माथुर जी की रचना नहीं है, यह किसकी है?
उत्तर: मोहन राकेश की - ‘भोर का तारा’ माथुर जी की रचना है या नहीं?
उत्तर: हाँ - माथुर जी ने लिखना कब शुरू किया?
उत्तर: चौथे दशक में - माथुर जी ने नेहरू-युग में क्या पहचान बनायी?
उत्तर: मनस्वी लेखक - माथुर जी की अभिरुचि किसमें थी?
उत्तर: सौंदर्यप्रियता और लालित्यबोध - बिहार का चम्पारण क्षेत्र भारत के किस कोने में है?
उत्तर: उत्तर-पश्चिम - 1962 की बाढ़ किसकी याद दिलाती है?
उत्तर: कैकयी के क्रोध की - गंडक नदी बरसात में किस रूप में नृत्य करती है?
उत्तर: उन्मत्त यौवना वीरांगनाओं की तरह - महावन कहाँ से कहाँ तक फैला था?
उत्तर: चम्पारण से गंगा तक - पूर्वी बंगाल के शरणार्थी कब आए?
उत्तर: 20वीं शताब्दी में - थारुओं के घरेलू सामान किससे बनते हैं?
उत्तर: सींक और मूंज से - धांगड़ स्त्री-पुरुष कब सामूहिक नृत्य करते हैं?
उत्तर: ढलती शाम के मंद प्रकाश में - केमिकल रंगों का आविष्कार कब हुआ?
उत्तर: 20वीं सदी के आरंभ में
दूसरा चरण: 10 लघु प्रश्नोत्तर
- चम्पारण में बाढ़ के क्या कारण हैं?
उत्तर: जंगलों का कटना मुख्य कारण है। वृक्ष जल को जड़ों में थामे रखते हैं और नदी की धार को संतुलित करते हैं। वनों के अभाव में नदियाँ प्रचंड कालिका बन जाती हैं। - धाँगड़ शब्द का क्या आशय है?
उत्तर: ओराँव भाषा में ‘भाड़े का मजदूर’। 18वीं सदी में नील की खेती के लिए छोटानागपुर से लाए गए। ये ओराँव, मुंडा, लोहार के वंशज हैं, पर खुद को आदिवासी नहीं मानते। - थारुओं की कला का संक्षिप्त परिचय दें।
उत्तर: थारुओं की कला दैनिक जीवन का अंग है। सींक की रंग-बिरंगी टोकरियाँ, मूंज के सामान, नववधू की सीपों वाली तीन लटें – सबमें सौंदर्य और उपयोगिता का मिश्रण है। - पुंडलीक जी कौन थे?
उत्तर: गाँधीजी द्वारा भितिहरवा भेजे गए शिक्षक। ग्रामीणों में निर्भीकता और आशा जगाने का कार्य सौंपा गया। एक साल बाद अंग्रेजों ने निर्वासित कर दिया। - तीनकठिया प्रथा क्या थी?
उत्तर: 20 कट्ठा में 3 कट्ठा पर जबरन नील की खेती। मुक्ति के लिए मोटी रकम देनी पड़ती थी। - गाँधीजी ने चम्पारण में शिक्षा के लिए क्या किया?
उत्तर: तीन आश्रम-विद्यालय खोले – भितिहरवा, बड़हरवा, मधुबन। कस्तूरबा, गोखले दंपति, महादेव देसाई आदि को नियुक्त किया। - अंग्रेज नीलहे किसानों पर क्या अत्याचार करते थे?
उत्तर: जबरन नील की खेती, तिनकठिया, मुक्ति के लिए रकम, रास्ते पर पशु नहीं ले जाना, साहब के खर्च की वसूली आदि। - ‘इतिहास की कीमिआई प्रक्रिया’ से क्या आशय है?
उत्तर: विभिन्न संस्कृतियों और रक्त का परस्पर घुलना-मिलना, जैसे दक्षिण भारत का रक्त कर्णाट वंश के माध्यम से चम्पारण में समा गया। - गंगा पर पुल क्यों नहीं बनने दिया गया?
उत्तर: अंग्रेजों को डर था कि दक्षिण बिहार के बागी विचार उत्तर बिहार में फैल जाएँगे। - गाँधीजी के शिक्षा संबंधी आदर्श क्या थे?
उत्तर: सुसंस्कृत और निष्कलुष चरित्र निर्माण। आचार्य पद्धति, अक्षर-ज्ञान माध्यम मात्र, जीविका के लिए औद्योगिक शिक्षा।
तीसरा चरण : 10 दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
- चम्पारण क्षेत्र में बाढ़ की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालें।
उत्तर: प्राचीन काल में घने वन नदियों को संयमित रखते थे। आज जंगलों का कटना, कृषि विस्तार और उद्योगों ने वनों को नष्ट कर दिया। गंडक, सिकरहना, पंडई आदि नदियाँ उन्मुक्त होकर प्रचंड बाढ़ लाती हैं। मानव के कर्मों पर अट्टहास करती हुई लगती हैं। गंडक घाटी योजना से कुछ नियंत्रण हुआ, पर वृक्षारोपण जरूरी है। - थारुओं की कला का वर्णन पाठ के आधार पर करें।
उत्तर: थारुओं की कला मौलिक और दैनिक जीवन से जुड़ी है। सींक की रंगीन टोकरियाँ, सीप की झालर, मूंज के दीपक, शिकारी सामान – सबमें उपयोगिता और सौंदर्य का संयोग। नववधू का पीढ़ा पर तीन सीपों वाली लटें वाला अलंकरण सबसे मनोहर। जब वह खेत जाती तो झंकृति स्वर रजत कंकण जैसे लगते। यह उनकी मधुर संस्कृति की झलक है। - नील की खेती और अंग्रेजों के अत्याचार पर प्रकाश डालें।
उत्तर: 19वीं सदी में अंग्रेजों ने नील की खेती का विस्तार किया। तीनकठिया प्रथा से किसान बर्बाद। केमिकल रंग आने पर मुक्ति के लिए भारी रकम। साहब के रास्ते पर पशु नहीं, साहब का खर्च रैयत से। एमन साहब जैसे नीलहे क्रूर थे। गाँधीजी ने 1917 में आंदोलन कर मुक्ति दिलायी। - गाँधीजी का चम्पारण आगमन और कार्य वर्णन करें।
उत्तर: अप्रैल 1917 में गाँधीजी चम्पारण आए। मठ के महंत ने महुए के पेड़ के नीचे शरण दी। नीलहे अत्याचारों का सर्वेक्षण किया। तीन आश्रम-विद्यालय खोले। पुंडलीक, गोखले, महादेव देसाई आदि को नियुक्त किया। निर्भीकता और स्वावलंबन सिखाया। यह भारत के प्रथम सत्याग्रह का स्थल बना। - पाठ में वर्णित इतिहास की कीमिआई प्रक्रिया समझाइए।
उत्तर: चम्पारण में विभिन्न संस्कृतियाँ घुली-मिली। कर्णाट वंश (12वीं सदी) ने दक्षिण भारत का रक्त लाया। थारू, धांगड़, शरणार्थी आदि आए। जैसे पारा को कीमिया से सोना बनता है, वैसे ही बाहरी संस्कृतियाँ यहाँ की निधि बनीं। परस्पर वैवाहिक संबंधों से नया मिश्रित समाज बना। - ‘ओ सदानीरा’ पाठ आपके समक्ष कौन-से प्रश्न खड़े करता है?
उत्तर: पर्यावरण विनाश, वनों की कटाई, बाढ़ नियंत्रण, सांस्कृतिक मिश्रण, औपनिवेशिक अत्याचार, गाँधीवादी शिक्षा जैसे प्रश्न। हमें वृक्षारोपण, सांस्कृतिक संरक्षण और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष सिखाता है। - धांगड़ों के सामाजिक जीवन का वर्णन करें।
उत्तर: धांगड़ ओराँव, मुंडा के वंशज। मिश्रित ओराँव भाषा बोलते हैं, भोजपुरी भी। सामाजिक जीवन उल्लासपूर्ण। स्त्री-पुरुष ढलती शाम में सामूहिक नृत्य करते हैं। मेहनती, मजदूर वर्ग। - गाँधीजी के शिक्षा-आदर्श विस्तार से समझाइए।
उत्तर: चरित्र निर्माण मुख्य। आचार्य के सान्निध्य में शिक्षा। अक्षर-ज्ञान माध्यम मात्र। वर्तमान क्लर्क बनाने वाली शिक्षा को हेय माना। जीविका के लिए हस्तकला, परंपरागत व्यवसाय में नवीन ज्ञान। - कर्णाट वंश और तुगलक आक्रमण का वर्णन करें।
उत्तर: 12वीं सदी से 300 वर्ष कर्णाट वंश। नान्यदेव ने नेपाल-मिथिला जीतकर बसाया। हरिसिंह देव को 1325 में गयासुद्दीन तुगलक ने हराया। राजा नेपाल भाग गए। दक्षिण भारतीय संस्कृति यहाँ घुली। - पाठ के आधार पर चम्पारण की सांस्कृतिक विविधता समझाइए।
उत्तर: प्राचीन बौद्ध काल, कर्णाट वंश, मुस्लिम आक्रमण, थारू, धांगड़, नीलहे अत्याचार, गाँधी आंदोलन, शरणार्थी – सबने मिलकर अनोखी मिश्रित संस्कृति बनाई। वसुंधराभोगी और धर्मांध एक ही सिक्के के दो पहलू।