पहला चरण: 50 Objectives With Answers
प्रश्न 1 : फ्रेन्डलीक के अधिसोसण समताप के अनुसार क्या है?
उत्तर: x/m = kp^{1/n}
प्रश्न 2 : दूध है?
उत्तर: जल में परीछेपित वसा
प्रश्न 3 : निम्नलिखित में कौन लायोफिलिक कोलॉइड है?
उत्तर: गम
प्रश्न 4 : 298 K पर एक ग्राम चारकोल के द्वारा किस गैस का सबसे अधिक आयतन अघिसोशित होगा?
उत्तर: NH₃
प्रश्न 5 : किस विधि के द्वारा कोलाइडी विलयन का सोसन होता है?
उत्तर: अपोहन
प्रश्न 6 : रासायनिक अधिसोसण अभिक्रिया है?
उत्तर: अनुत्क्रमणीय
प्रश्न 7 : किसमें टिंडल प्रभाव नहीं पाया जाता है?
उत्तर: चीनी के घोल में
प्रश्न 8 : Alum शुद्धिकृत करता है कीचड़ युक्त जल को किसके द्वारा?
उत्तर: कोएगुलेशन द्वारा
प्रश्न 9 : यदि परछिप्त प्रवस्ता द्रव हो और परीछेपन माध्यम ठोस हो तब colloid को माना जाता है?
उत्तर: जेल
प्रश्न 10 : ताजे अवच्छेप को colloid में बदला जा सकता है किसके द्वारा?
उत्तर: Peptization द्वारा
प्रश्न 11 : किस गैस का अवशोसण चारकोल के द्वारा सबसे अधिक होता है?
उत्तर: CO
प्रश्न 12 : P₂O₅ अच्छा ?
उत्तर: अवशोषक
प्रश्न 13 : रासायनिक अधिसोसण में कितनी परते होती है?
उत्तर: एक
प्रश्न 14 : तेल को वासा में बदलने हेतु प्रयुक्त उत्प्रेरक क्या है?
उत्तर: Ni
प्रश्न 15 : दूध एक उदाहरण है किसका?
उत्तर: पायस का
प्रश्न 16 : सामान्य ताप एव दाब पर किसी गैस के एक मोल का आयतन क्या है?
उत्तर: 22.4 लीटर
प्रश्न 17 : निम्नलिखित में सबसे प्रबल लिविस अम्ल क्या है?
उत्तर: BI₃
प्रश्न 18 : जांतव झिल्ली में छन जाने वाला विलयन क्या कहलाता है?
उत्तर: समांगी विलयन
प्रश्न 19 : निम्नलिखित में से कौन कोलाइडल घोल नहीं है?
उत्तर: जल
प्रश्न 20 : किसके द्वारा टिंडल प्रभाव प्रदर्शित होता है ?
उत्तर: कोलाइड द्वारा
प्रश्न 21 : अपमार्जक को क्या कहा जाता है?
उत्तर: पृष्ठ सक्रिय
प्रश्न 22 : तेल तथा पानी के संयोग से बना कोलाइडी विलयन को कहते है?
उत्तर: पायस ( Emmulsion)
प्रश्न 23 : योरियेज किसका उदाहरण है?
उत्तर: एक एंजाइम का
प्रश्न 24 : द्रव स्नेही कोलॉइड का उदाहरण है?
उत्तर: गोद
प्रश्न 25 : किसमें टिंडल प्रभाब संभव नहीं है?
उत्तर: सर्करा विलयन
प्रश्न 26: रक्त पर आवेश पाया जाता है ?
उत्तर: रीड़ात्मक
प्रश्न 27 : द्रव स्नेही कोलाईडो के स्थाईत्व का प्रमुख कारण है?
उत्तर: आवेश
प्रश्न 28: भौतिक अधिसोसण में लगभग उष्मा उत्सर्जित होती है (kJ/mol) मे ?
उत्तर: 20-40
प्रश्न 29: ‘शीत कछ’ प्रक्रम में प्रयुक्त उत्प्रेरक क्या होता है?
उत्तर: N₂O
प्रश्न 30 : उत्प्रेरक की व्याख्या सबसे पहले करने वाला वैज्ञानिक कौन थे?
उत्तर: बर्जीलियस
प्रश्न 31 : निम्न में से धनावेशित सॉल का उदहारण है?
उत्तर: जिलेटिन
प्रश्न 32 : कब भौतिक अधिसोसण की क्रिया होती है ?
उत्तर: कम ताप पर
प्रश्न 33 : निम्न में से द्रव स्नेही कोलॉइड का Example है?
उत्तर: जिलेटिन
प्रश्न 34 : x/m तथा p के मध्य वक्र क्या कहलाता है?
उत्तर: अधिसोसण समतापी वक्र
प्रश्न 35 : कोलॉइडी सॉल है?
उत्तर: विसमागी सॉल
प्रश्न 36 : साबुन ग्रीस को किसके द्वारा निकालता है?
उत्तर: पाइसिकरण
प्रश्न 37 : उत्प्रेरक एक वस्तु है, जो क्या करता है?
उत्तर: साम्यावस्था प्राप्त करने के समय को कम कर देता है
प्रश्न 38 : निम्नलिखित में ठोस-ठोस समुदाय है?
उत्तर: संसलेसित जेम
प्रश्न 39: ठोस सतह पर गैस के अधिसोसण के लिए log x/m और logP के बिच ग्राफ रेखीय होता है | क्या ग्राफ की ढलान (स्लोपि) बराबर है?
उत्तर: 1/n
प्रश्न 40 : अधिसोसण की प्रक्रिया होती है क्या?
उत्तर: पृष्ठीय घटना
प्रश्न 41 : क्या vअधिसोसण में मुक्त ऊर्जा कहलाती है?
उत्तर: अधिसोसण ऊर्जा
प्रश्न 42 : जो पदार्थ जल का पृष्ठतनाव कम कर देता है, कहलाता है?
उत्तर: उत्प्रेरक
प्रश्न 43 : कोलाइडी विलयन की कौन-सी अवस्था कुहासा में होती है?
उत्तर: गैस का द्रव में परीछेपन
प्रश्न 44 : विधुत-छेत्र के प्रभाव से कोलाइडी कणो का गमन क्या कहलाता है?
उत्तर: वैधुतकण-संचलन
प्रश्न 45 : कौन-सा कथन रसोवशोषण हेतु प्रयोज्य नहीं है?
उत्तर: ये ताप से स्वतंत्र होते हैं
प्रश्न 46 : शोषण शब्द का प्रयोग किसके लिए होता है?
उत्तर: अवशोषण और अधिशोषण दोनों
प्रश्न 47 : पदार्थ जिसके पृष्ठ पर अधिशोषण घटित होता है, वह कहलाता है ?
उत्तर: अधिशोषक
प्रश्न 48: स्व-उत्प्रेरण में होता है?
उत्तर: प्रतिफल उत्प्रेरित करता है
प्रश्न 49: जब प्रकाश पुँज कोलॉइडी विलयन से गुजारा जाता है तो क्या होता है?
उत्तर: प्रकाश का प्रकीर्णन होता है
प्रश्न 50 : वह क्रिया जिसमें कोलॉइडल कण अवक्षेपित होते हैं, क्या कहलाता है
उत्तर: स्कन्दन

दूसरा चरण: 25 Short Type Question Answer
प्रश्न 1 : ताप बढ़ने पर भौतिक अधिशोषण घट क्यों जाता है?
उत्तर: भौतिक अधिशोषण एक ऊष्मा अवक्षेप प्रक्रम है तथा यह उत्क्रमणीय भी ठोस + गैस भौतिक अधिशोषण कम ताप पर संपन्न होता है तथा तापमान बढ़ाने पर यह लि-शतालियर नियम के अनुसार कम होता है।
प्रश्न 2 : अपने क्रिस्टलीय रूपों की तुलना में चूर्णित पदार्थ अधिक प्रभावी अधिशोषक होते हैं क्यों?
उत्तर: अधिशोषक के पृष्ठीय क्षेत्रफल बढ़ने के साथ अधिशोषण बढ़ता जाता है। अतः चूर्ण अवस्था में या छिद्रयुक्त अवस्था में धातुओं का पृष्ठीय क्षेत्रफल अधिक होता है। इसलिए इन अवस्थाओं में अधिशोषण अधिक होता है।
प्रश्न 3 : उत्प्रेरण के प्रक्रम में विअधिशोषण की क्या है?
उत्तर: ठोस उत्प्रेरक द्वारा गैसीय अभिकारकों को अधिशोषित करने के बाद मध्य अवस्था ग्रहण करता है। इसके बाद विअधिशोषण होता है जिससे अणु अलग होते हैं। अतः ठोस उत्प्रेरकों के पृष्ठ बार-बार उपलब्ध होते रहते हैं।
प्रश्न 4 : लायोफोबिक कोलॉइड की परिभाषा बताइए?
उत्तर: यदि परिक्षेपण माध्यम के लिए परिक्षेपित कला को बहुत कम आकर्षण हो, तो ऐसे कोलॉइड घोल या सॉल को लायोफोबिक कोलॉइड कहा जाता है। जैसे- गोल्ड सॉल, सिल्वर सॉल इत्यादि।
प्रश्न 5 : अवक्षेप का मात्रात्मक आकलन करने से पूर्व उसे जल से धोना आवश्यक होता है क्यों?
उत्तर: गुणात्मक मान ज्ञात करने के लिए यह आवश्यक है कि अवयवों को पहले धो लेना चाहिए ताकि अशुद्ध कोलॉइड उत्पन्न होने पर उत्पन्न न करें। जैसा कि हम जानते हैं कि छानक पेपर से कोलॉइड आर-पार हो जाते हैं।
प्रश्न 6 : साबुन के तनु व सान्द्रित विलयन की प्रकृति में अन्तर बताये?
उत्तर: साबुन का तनु विलयन वास्तविक विलयन के रूप में कार्य करता है जबकि सान्द्रित विलयन कोलॉइडी विलयन के रूप में।
प्रश्न 7 : NH₃ या CO₂ मे से कौन सा आसानी से चारकोल पर अधिशोषित हो जाता है और क्यों?
उत्तर: NH₃ क्रांतिक ताप अधिक है CO₂ की अपेक्षा अर्थात् NH₃ आसानी से द्रवित होती है। इसलिए NH₃ का अधिशोषण अधिक होगा।
प्रश्न 8 : किसी गैस का अधिशोषण उसके क्रांतिक ताप पर कैसे निर्भर करता है?
उत्तर: जिस गैस का क्रांतिक ताप अधिक होता है वह गैस आसानी से अधिशोषित होती है क्योंकि वह जल्दी द्रवित हो जाती है।
प्रश्न 9 : तापमान बढ़ने से रसायन अधिशोषण पहले बढ़ता है फिर घटता है बताये क्यों?
उत्तर: आरम्भ में तापमान रसायन अधिशोषण के लिए सक्रिय ऊर्जा के रूप में काम करता है लेकिन ऊष्माक्षेपी प्रकृति होने के कारण बाद में ताप बढ़ने पर रसायन अधिशोषण घटता है।
प्रश्न 10 : फ्रायन्डलिक अधिशोषण समतापी से k और n के मान कैसे ज्ञात किए जाते हैं?
उत्तर: फ्रायन्डलिक अधिशोषण समतापी अनुसार xm = k p^{1/n} ∴ log xm = log k + (1/n) log p अतः log xm व log p के मध्य ग्राफ एक सरल रेखा होती है जिसका ढाल 1/n व अन्तःखण्ड log k होता है। इसलिए अन्तःखंड व ढाल के मान ज्ञात कर k व n के लिए मान ज्ञात हो सकते हैं।
प्रश्न 11 : सिलिका जेल का उपयोग जलवाष्प हटाने के लिए क्यों होता है?
उत्तर: सिलिका जेल जलवाष्प को अधिशोषित कर लेता है। अतः इसका उपयोग जलवाष्प हटाने में किया जाता है।
प्रश्न 12 : निम्न में कौन-सा वैद्युत अपघट्य अधिक सक्रिय है Fe(OH)₃ के स्कंदन के लिए?
उत्तर: Fe(OH)₃ एक धन आवेशित सॉल है। हार्डी नियम अनुसार आयन पर उच्च आवेश होने के कारण स्कंदन आसानी से होता है अतः Na₃PO₄ सक्रिय है।
प्रश्न 13 : ठोस द्वारा गैस के अधिशोषण के लिए अवयव आकार, वायु दाब तथा तापमान कैसे प्रभावी है बताये?
उत्तर: अवयव का आकार जितना छोटा होगा अधिशोषण उतना ही अधिक होगा।
(ii) स्थिर तापमान पर अधिशोषण पहले बढ़ता है दाब के बढ़ने से लेकिन बाद में घटना शुरू करता है।
(iii) भौतिक अधिशोषण के लिए तापमान बढ़ने पर अधिशोषण घटता है लेकिन रसायन अधिशोषण के लिए ताप के बढ़ने से अधिशोषण पहले बढ़ता है फिर घटता है।
प्रश्न 14 : स्वर्ण संख्या का व्युत्क्रम क्या बताता है?
उत्तर: स्वर्ण संख्या का व्युत्क्रम कोलॉइड की सुरक्षा क्षमता दर्शाता है। स्वर्ण संख्या का मान जितना कम होगा कोलॉइड की सुरक्षा क्षमता उतनी अधिक होगी।
प्रश्न 15 : स्वर्ण संख्या को परिभाषित कीजिये।
उत्तर: सुरक्षात्मक कोलॉइड का न्यूनतम मान (मिली. ग्राम) जो 10 ml स्वर्ण सॉल का स्कंदन होने से रोकता है चाहे 10% व 1 ml सोडियम क्लोराइड विलयन मिलाया जाए।
प्रश्न 16 : हार्डी सुल्से नियम क्या है?
उत्तर: किसी सक्रिय आयन की संयोजकता जितनी अधिक होगी उसकी स्कंदन क्षमता उतनी अधिक होती है।
प्रश्न 17 : साधारण नमक मिलाने से इमल्शन की चालकता बढ़ती है। यह किस प्रकार का इमल्शन है?
उत्तर: जल में तेल।
प्रश्न 18 : ब्राउनी गति क्या है?
उत्तर: कोलॉइडी कण पूरे प्रेक्षित क्षेत्र में लगातार टेढ़ी-मेढ़ी गति करते हैं जिसे ब्राउन गति कहते हैं।
उदाहरण-पानी में तैरते पराग कण।
प्रश्न 19 : एलम (फिटकरी) जल में क्यों मिलाया जाता है?
उत्तर: पीने के जल का शुद्धिकरण कोलॉइडी कणों का अवक्षेप में बदल कर किया जाता है, इसलिए जल में थोड़ी-सी मात्रा K₂SO₄·Al₂(SO₄)₃·24 H₂O की डाली जाती है। Al³⁺ आयन उदासीन स्कंदन बनाते हैं।
प्रश्न 20 : अधिशोषण और अवशोषण में क्या अन्तर है?
उत्तर: अधिशोषण में एक पदार्थ का जमाव दूसरे पदार्थ के सिर्फ पृष्ठ भाग पर होता है,
जबकि अवशोषण में पदार्थ पूरी तरह सम्पूर्ण भाग में वितरित होते हैं।
प्रश्न 21 : इमल्शन होता है?
उत्तर: वे कोलॉइड जिनमें परिक्षिप्त प्रावस्था एवं परिक्षेपण दोनों द्रव अवस्था में हों, इमल्शन कहलाता है।
प्रश्न 22 : इमल्शीकारक क्या है?
उत्तर: इमल्शन को स्थायित्व प्रदान करने के लिए डाले गए पदार्थ को इमल्शीकारक कहा जाता है।
प्रश्न 23 : कुछ प्रमुख इमल्शीकारकों के नाम लिखें।
उत्तर: साबुन, अपमार्जक, प्रोटीन, गोंद, एगर इत्यादि सामान्य इमल्शीकारक हैं।
प्रश्न 24 : लायोफिलिक कोलॉइड का सॉल क्या है?
उत्तर: यदि परिक्षेपित कला की प्रीति परिक्षेपण माध्यम के लिए बहुत अधिक हों, तो ऐसे कोलॉइड घोल को लायोफिलिक कोलॉइड कहा जाता है। उदाहरण- जिलेटिन, गोंद इत्यादि।
प्रश्न 25 : विइमल्शीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर: किसी इमल्शन का उसके घटक द्रवों में परिवर्तन को विइमल्शीकरण कहा जाता है।

तीसरा चरण : 25 Long Type Question Answer
प्रश्न 1 : भौतिक अधिशोषण एवं रासायनिक अधिशोषण में अंतर लिखिए।
उत्तर: भौतिक अधिशोषण में वाण्डर वॉल बल काम करता है, ऊष्मा 20-40 kJ/mol होती है, कम ताप पर होता है। रासायनिक अधिशोषण में रासायनिक बंध, ऊष्मा 40-400 kJ/mol, उच्च ताप पर होता है। भौतिक उत्क्रमणीय, रासायनिक अनुत्क्रमणीय।
प्रश्न 2 : फ्रायन्डलिक अधिशोषण समतापी क्या है?
उत्तर: फ्रायन्डलिक समतापी सूत्र xm = k p^{1/n} बताता है कि अधिशोषण की मात्रा दाब के साथ बढ़ती है लेकिन n>1 होने पर संतृप्ति होती है। ग्राफ log xm बनाम log p सरल रेखा देता है।
प्रश्न 3 : उत्प्रेरण क्या है?
समांगी एवं विषमांगी उत्प्रेरण के उदाहरण दें। उत्तर: उत्प्रेरण वह प्रक्रिया है जिसमें उत्प्रेरक अभिक्रिया की दर बदलता है। समांगी: 2SO₂ + O₂ → 2SO₃ (NO उत्प्रेरक)। विषमांगी: N₂ + 3H₂ → 2NH₃ (Fe उत्प्रेरक)।
प्रश्न 4 : एंजाइम उत्प्रेरण की विशेषताएं बताये।
उत्तर: एंजाइम विशिष्ट, उच्च दक्षता वाले प्रोटीन हैं। वे pH 7 पर, 35-37°C ताप पर कार्य करते हैं, अल्प मात्रा में काम करते हैं, तथा जैविक अभिक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
प्रश्न 5 : कोलॉइड क्या होता हैं? उनके प्रकार को बताइए।
उत्तर: कोलॉइड 1-1000 nm आकार के कणों वाले विलयन हैं।
इसके प्रकार: लायोफिलिक (द्रव स्नेही),
लायोफोबिक (द्रव विरोधी)।
जैसे— जिलेटिन (लायोफिलिक), गोल्ड सॉल (लायोफोबिक)।
प्रश्न 6 : कोलॉइडों की तैयारी की विधियां का वर्णन करे।
उत्तर: परिक्षेपण विधि: डबल अपघटन, पेप्टाइजेशन।
संघनन विधि: रासायनिक प्रतिक्रिया, विलेय विनिमय। ब्रेड विधि: चाप में स्पार्क से धातु कोलॉइड।
प्रश्न 7 : कोलॉइडों के गुण बताइए।
उत्तर: टिंडल प्रभाव, ब्राउनियन गति, वैद्युतकण संचलन, स्कंदन। कोलॉइड प्रकाश प्रकीर्णन करते हैं, निरंतर गतिमान रहते हैं, आवेशित होते हैं।
प्रश्न 8 : स्कंदन क्या है? हार्डी सुल्ज के नियम को समझाइए।
उत्तर: स्कंदन कोलॉइड कणों का एकत्रीकरण है।
हार्डी सुल्ज: विपरीत आवेशित आयन की संयोजकता जितनी अधिक, स्कंदन उतना आसान। जैसे Al³⁺ > Mg²⁺ > Na⁺।
प्रश्न 9 : इमल्शन क्या हैं? इसके प्रकार और अनुप्रयोग बताइए।
उत्तर: इमल्शन दो अमिश्रणीय द्रवों का कोलॉइड।
प्रकार: तेल में जल, जल में तेल।
अनुप्रयोग: दवाइयां, सौंदर्य प्रसाधन, सफाई।
प्रश्न 10 : अधिशोषण के अनुप्रयोग बताइए।
उत्तर: गैस मास्क, जल शुद्धिकरण, उत्प्रेरण, क्रोमेटोग्राफी, दवा में जहर हटाना, रंगाई।
प्रश्न 11 : कोलॉइडों की शुद्धिकरण की विधियां बताये।
उत्तर: अपोहन: झिल्ली से आयन हटान।
वैद्युत अपोहन: इलेक्ट्रोड से।
अल्ट्राफिल्ट्रेशन: विशेष फिल्टर से।
प्रश्न 12 : टिंडल प्रभाव क्या है?
उत्तर: कोलॉइड से प्रकाश प्रकीर्णन, पथ दृश्य बनाता है। बड़े कणों के कारण, जैसे कुहरे में।
प्रश्न 13 : ब्राउनियन गति का कारण बताइए।
उत्तर: परिक्षेपण माध्यम के अणुओं से टक्कर, कणों को निरंतर गतिमान रखती है।
प्रश्न 14 : वैद्युतकण संचलन क्या है?
उत्तर: विद्युत क्षेत्र में कोलॉइड कण इलेक्ट्रोड की ओर जाते हैं, आवेश दर्शाता है।
प्रश्न 15 : सुरक्षात्मक कोलॉइड क्या हैं? उदाहरण दें।
उत्तर: लायोफिलिक कोलॉइड जो लायोफोबिक को स्कंदन से बचाते हैं। उदाहरण: जिलेटिन गोल्ड सॉल को बचाता है।
प्रश्न 16 : आकार चयनात्मक उत्प्रेरण समझाइए।
उत्तर: जिओलाइट जैसे छिद्रयुक्त उत्प्रेरक, अणु आकार पर निर्भर अभिक्रिया चुनते हैं।
प्रश्न 17 : उत्प्रेरक विष क्या है? उदाहरण दें।
उत्तर: पदार्थ जो उत्प्रेरक को निष्क्रिय करता है। उदाहरण: Pt के लिए As₂O₃।
प्रश्न 18 : कोलॉइडों का वर्गीकरण समझाइए।
उत्तर: परिक्षिप्त प्रावस्था पर: सॉल, जेल, इमल्शन, फोम। अन्र्तक्रिया पर: लायोफिलिक, लायोफोबिक।
प्रश्न 19 : मिसेल निर्माण क्या है?
उत्तर: अपमार्जक की CMC पर आयन एकत्र होकर मिसेल बनाते हैं, सफाई में सहायक।
प्रश्न 20 : अधिशोषण समतापी वक्र का महत्व बताइए।
उत्तर: अधिशोषण मात्रा और दाब संबंध दर्शाता है, उत्प्रेरण डिजाइन में उपयोगी।
प्रश्न 21 : कोलॉइडों में आवेश का स्रोत समझाइए।
उत्तर: अधिशोषण से, जैसे Fe(OH)₃ पर Fe³⁺ अधिशोषित होकर धनावेशित।
प्रश्न 22 : पेप्टाइजेशन क्या है? उदाहरण दें।
उत्तर: अवक्षेप को कोलॉइड में बदलना, जैसे FeCl₃ से Fe(OH)₃ सॉल।
प्रश्न 23 : कोलॉइडों के अनुप्रयोग बताइए।
उत्तर: दवा, भोजन, रबर, फोटोग्राफी, जल शुद्धिकरण, धुंध निर्माण।
प्रश्न 24 : अधिशोषण सिद्धांत पर विषमांगी उत्प्रेरण समझाइए।
उत्तर: अभिकारक अधिशोषित होते हैं, सतह पर अभिक्रिया, उत्पाद विशोषित, सतह पुनः उपलब्ध।
चौथा चरण : 30 Important Points
- पृष्ठ रसायन रसायन विज्ञान की वह शाखा है जिसमें ठोस या द्रव के सतह पर होने वाले भौतिक एवं रासायनिक घटनाओं का अध्ययन किया जाता है, जैसे घुलना, क्रिस्टलीकरण, संक्षारण, इलेक्ट्रोड की प्रक्रियाएँ, उत्प्रेरक, उत्प्रेरण, अधिशोषण, कोलॉइड।
- अधिशोषण किसी ठोस या द्रव की सतह पर किसी पदार्थ के अणुओं को आकर्षित कर जुड़ने की प्रक्रिया है, जिससे सतह पर अणुओं का सांद्रण अधिक हो जाता है।
- अवशोषण किसी ठोस या द्रव की सतह और उसके अन्दर तक किसी पदार्थ के अणुओं को आकर्षित कर जुड़ने की प्रक्रिया है।
- अधिशोषक वह पदार्थ है जिसकी सतह पर अधिशोषण की घटना होती है।
- अधिशोष्य वह पदार्थ है जो ठोस या द्रव की सतह पर आकर्षित होता है।
- अधिशोषण एक पृष्ठीय घटना है, जबकि अवशोषण पूरे माध्यम की घटना है।
- अधिशोषण प्रारंभ में तीव्र प्रक्रिया है तथा बाद में धीमी हो जाती है, साम्य स्थापित हो जाता है, जबकि अवशोषण में गति एकसमान रहती है।
- अधिशोषण में अधिशोषित पदार्थ का सांद्रण बाह्य सतह पर अधिक होता है, जबकि अवशोषण में बाह्य और अंदर दोनों सतहों में सांद्रण समान रहता है।
- अधिशोषण की क्रियाविधि ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है क्योंकि इसमें वाण्डरवॉल्स बंध बनने से ऊष्मा मुक्त होती है।
- अधिशोषण दो प्रकार के होते हैं: भौतिक अधिशोषण और रासायनिक अधिशोषण।
- भौतिक अधिशोषण में अधिशोषक और अधिशोष्य के अणु दुर्बल वाण्डर वॉल बल से जुड़े होते हैं, और यह अस्थायी प्रकृति का होता है।
- भौतिक अधिशोषण को ताप बढ़ाकर या दाब कम करके कम किया जा सकता है, जैसे चारकोल की सतह पर गैसों का अधिशोषण।
- रासायनिक अधिशोषण में अधिशोषक और अधिशोष्य के अणु प्रबल रासायनिक बंध से जुड़े होते हैं, और इसका स्थायित्व अधिक होता है।
- भौतिक अधिशोषण विशिष्ट प्रकृति प्रदर्शित नहीं करता, जबकि रासायनिक अधिशोषण अत्यन्त विशिष्ट प्रकृति का होता है।
- भौतिक अधिशोषण निम्न ताप पर होता है और उत्क्रमणीय है, जबकि रासायनिक अधिशोषण उच्च ताप पर भी हो सकता है और अनुत्क्रमणीय है।
- भौतिक अधिशोषण में ऊष्मा का मान 20-40 kJ प्रति मोल होता है, जबकि रासायनिक अधिशोषण में 40-400 kJ प्रति मोल होता है।
- भौतिक अधिशोषण के अभिलक्षण में विशिष्टता की कमी, गैस की प्रकृति पर निर्भरता, अधिशोषक की छिद्रयुक्त प्रकृति और उच्च सतह क्षेत्रफल शामिल हैं।
- रासायनिक अधिशोषण के अभिलक्षण में उच्च विशिष्टता, रासायनिक बंध पर निर्भरता, उच्च ऊष्मा मान और अनुक्रमणीय प्रकृति शामिल हैं।
- अधिशोषण समतापी वक्र अधिशोषित गैस की मात्रा (x/m) और दाब (p) के बीच का ग्राफ है।
- फ्रॉयन्डलिक समीकरण के अनुसार, निश्चित ताप पर x/m = k p^{1/n}, जहां k और n स्थिरांक हैं।
- विलयन से अधिशोषण को प्रभावित करने वाले कारक: अधिशोष्य और अधिशोषक की प्रकृति, तापमान, अधिशोषक का पृष्ठीय क्षेत्रफल, विलेय की सांद्रता।
- अधिशोषण के अनुप्रयोग: उच्च निर्वात उत्पन्न करना, गैस मास्क, आद्रता कम करना, रंगीन अशुद्धियों को हटाना, विषमांगी उत्प्रेरण, अक्रिय गैसों को पृथक्क करना, व्याधियों के उपचार, वर्ण लेखिकी।
- उत्प्रेरण वह प्रक्रिया है जिसमें उत्प्रेरक अभिक्रिया के वेग को बदलता है बिना स्वयं उपयोग हुए।
- उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को कम करके अभिक्रिया की दर बढ़ाता है या बढ़ाकर घटाता है।
- समांगी उत्प्रेरण में अभिकारक और उत्प्रेरक समान प्रावस्था में होते हैं, जबकि विषमांगी उत्प्रेरण में अलग-अलग प्रावस्था में।
- विषमांगी उत्प्रेरण का अधिशोषण सिद्धांत: अभिकारकों का विसरण, अधिशोषण, सतह पर अभिक्रिया, उत्पाद का विशोषण और विसरण।
- जिओलाइट आकार चयनात्मक उत्प्रेरक है, जिसमें छिद्र अभिकारक के आकार पर निर्भर करते हैं।
- एंजाइम उत्प्रेरण जीवित स्पीशीज में पाए जाने वाले नाइट्रोजन युक्त उच्च अणुभार वाले कार्बनिक यौगिक हैं जो जैविक अभिक्रियाओं को उत्प्रेरित करते हैं।
- एंजाइम उत्प्रेरण के अभिलक्षण: वेग 10^8 से 10^20 गुना बढ़ जाता है, अल्प मात्रा पर्याप्त, निश्चित pH और तापमान (35-37°C) पर कार्यक्षम, अति विशिष्ट प्रकृति।
- कोलॉइड वे विलयन हैं जिनके विलेय कणों का आकार 1 nm से 1000 nm तक होता है, और कोलॉइड का वर्गीकरण भौतिक अवस्थाओं, अन्र्तक्रिया प्रकृति और सोल कणों के गुणों के आधार पर होता है।
