पहला चरण : 50 VVI Objectives With Answer
प्रश्न 1 : ‘बातचीत’ पाठ के लेखक कौन हैं?
उत्तर: बालकृष्ण भट्ट
प्रश्न 2 : बालकृष्ण भट्ट का जन्म कब हुआ था?
उत्तर: 23 जून, 1844
प्रश्न 3 : बालकृष्ण भट्ट किस युग के निबंधकार हैं?
उत्तर: आधुनिक काल
प्रश्न 4 : ‘बातचीत’ पाठ किस विधा की रचना है?
उत्तर: निबंध
प्रश्न 5 : बालकृष्ण भट्ट ने किस पत्रिका का संपादन किया?
उत्तर: प्रदीप
प्रश्न 6 : ‘बोलने से ही मनुष्य के सही रूप का साक्षात्कार होता है।’ यह उद्धरण किसका है?
उत्तर: बेन जॉनसन
प्रश्न 7 : ‘असल बातचीत सिर्फ दो व्यक्तियों में ही हो सकती है।’ यह किसने कहा है?
उत्तर: एडिसन
प्रश्न 8 : ‘बातचीत’ निबंध में लेखक क्या बताना चाहते हैं?
उत्तर: बातचीत करने की शैली
प्रश्न 9 : मनुष्य की बातचीत का उत्तम तरीका क्या है?
उत्तर: अवाक् होकर अपने से बातचीत करना
प्रश्न 10 : ‘छह कानों में पड़ी बात खुल जाती है।’ इस कहावत का अर्थ क्या है?
उत्तर: बातचीत में गोपनीयता का मुख्य महत्व है?
प्रश्न 11 : वाक्-शक्ति को ‘बातचीत’ निबंध में क्या माना गया है?
उत्तर: वरदान
प्रश्न 12 : बातचीत से मनुष्य के क्या का साक्षात्कार होता है?
उत्तर: उसके सच्चे रूप का
प्रश्न 13 : एडिसन के अनुसार, असल बातचीत कब संभव है?
उत्तर: दो व्यक्तियों में
प्रश्न 14 : ‘बातचीत’ निबंध में कितने व्यक्तियों की बातचीत को असल माना गया है?
उत्तर: दो
प्रश्न 15 : बातचीत मनुष्य के कैसे गुण-अवगुण को प्रकट करती है?
उत्तर: बोलने से
प्रश्न 16 : बालकृष्ण भट्ट का जन्म स्थान क्या था?
उत्तर: गौहाणी ( इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश)
प्रश्न 17 : बालकृष्ण भट्ट की मृत्यु कब हुई थी?
उत्तर: 20 जुलाई, ( सन् 1914 )
प्रश्न 18 : ‘बातचीत’ निबंध का मुख्य विषय है?
उत्तर: बातचीत का महत्व और उसकी शैली
प्रश्न 19 : ‘बातचीत’ निबंध में किसे मनुष्य का सच्चा दर्पण कहा है?
उत्तर: बातचीत
प्रश्न 20 : लेखक के अनुसार, बातचीत में सबसे महत्वपूर्ण तत्व कौन सा है?
उत्तर: सत्यता
प्रश्न 21 : ‘बातचीत’ निबंध में लेखक ने किसे मनुष्य की आत्मा का दर्पण कहा है?
उत्तर: वाणी
प्रश्न 22 : लेखक के अनुसार, बातचीत में कितने लोगों का समूह आदर्श होता है?
उत्तर: दो
प्रश्न 23 : ‘बातचीत’ निबंध में किसे मनुष्य की बुद्धि का परिचायक कहा गया है?
उत्तर: बोलने की शैली
प्रश्न 24 : लेखक ने बातचीत को किसके समान माना है?
उत्तर: मन का आलोक
प्रश्न 25 : ‘बातचीत’ निबंध में किस भाषा को सर्वश्रेष्ठ माना गया है?
उत्तर: स्पष्ट और साधारण भाषा
प्रश्न 26 : लेखक के अनुसार, बातचीत का उद्देश्य क्या होना चाहिए?
उत्तर: विचारों का आदान-प्रदान
प्रश्न 27 : ‘बातचीत’ पाठ में किसे अनावश्यक माना गया है?
उत्तर: बिना आवश्यकता वाले शब्दों का प्रयोग
प्रश्न 28 : लेखक ने बातचीत को किसके साथ जोड़ा है?
उत्तर: चरित्र के निर्माण के साथ
प्रश्न 29 : ‘बातचीत’ निबंध में किससे मनुष्य की पहचान होती है?
उत्तर: उसकी वाणी से
प्रश्न 30 : लेखक के अनुसार, बातचीत में क्या नहीं होना चाहिए?
उत्तर: बनावटीपन
प्रश्न 31 : ‘बातचीत’ निबंध में किसे मनुष्य के हृदय का द्वार कहा गया है?
उत्तर: वाणी
प्रश्न 32 : लेखक ने बातचीत में किस गुण की प्रशंसा की है?
उत्तर: सौम्यता
प्रश्न 33 : ‘बातचीत’ निबंध में किसे ज्ञान का स्रोत माना गया है?
उत्तर: विचारों का आदान-प्रदान
प्रश्न 34 : लेखक के अनुसार, बातचीत में किसका अभाव होना चाहिए?
उत्तर: अहंकार
प्रश्न 35 : ‘बातचीत’ निबंध में किसे मनुष्य की बुद्धि का मापक कहा गया है?
उत्तर: उसकी वाणी
प्रश्न 36 : लेखक ने बातचीत को किसके समान माना है?
उत्तर: जीवन का आधार
प्रश्न 37 : ‘बातचीत’ निबंध में किसे समाज का दर्पण कहा गया है?
उत्तर: बातचीत
प्रश्न 38 : लेखक के अनुसार, बातचीत का क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: मनुष्य के व्यक्तित्व का निर्माण
प्रश्न 39 : ‘बातचीत’ निबंध में किसे मनुष्य का सबसे बड़ा गुण माना गया है?
उत्तर: वाक्-शक्ति
प्रश्न 40 : लेखक ने बातचीत में किस बात पर जोर दिया है?
उत्तर: स्पष्टता और सरलता
प्रश्न 41 : ‘बातचीत’ निबंध में मनुष्य की आत्मा का परिचायक किसे कहा गया है?
उत्तर: उसकी वाणी
प्रश्न 42 : लेखक के अनुसार, बातचीत में क्या होना चाहिए?
उत्तर: विचारों की स्पष्टता
प्रश्न 43 : ‘बातचीत’ निबंध में किसे मनुष्य का सबसे बड़ा साधन कहा गया है?
उत्तर: वाक्-शक्ति
प्रश्न 44 : लेखक ने बातचीत को किसके लिए आवश्यक माना है?
उत्तर: सामाजिक संबंधों के लिए
प्रश्न 45 : ‘बातचीत’ निबंध में किसे मनुष्य की बुद्धि का प्रतीक कहा गया है?
उत्तर: उसकी वाणी
प्रश्न 46 : लेखक के अनुसार, बातचीत में किसका प्रयोग नहीं करना चाहिए?
उत्तर: कठिन शब्दों का, ( आसान शब्दो का उपयोग करे )
प्रश्न 47 : ‘बातचीत’ निबंध में किसे मनुष्य के चरित्र का परिचायक कहा गया है?
उत्तर: उसकी वाणी
प्रश्न 48 : लेखक ने बातचीत को किसके समान माना है?
उत्तर: मन का दर्पण
प्रश्न 49 : ‘बातचीत’ निबंध का मूल संदेश क्या है?
उत्तर: बातचीत मनुष्य के चरित्र और बुद्धि को प्रकट करती है
प्रश्न 50 : ‘बातचीत’ निबंध में स्पेंसर का कहना क्या है?
उत्तर: बातचीत मनोरंजन का साधन है

दूसरा चरण : 20 प्रशन उतर ( लघु + दीर्घ सहित )
प्रश्न: ‘बातचीत’ निबंध के लेखक कौन हैं और उनकी प्रमुख रचना कौन सी है?
उत्तर: ‘बातचीत’ निबंध के लेखक बालकृष्ण भट्ट हैं। उनकी प्रमुख रचना ‘हिंदी प्रदीप’ पत्रिका है, जिसका उन्होंने संपादन किया।
प्रश्न: आखिर बालकृष्ण भट्ट ने बातचीत को मनुष्य का सच्चा दर्पण क्यों कहा है?
उत्तर: बालकृष्ण भट्ट ने बातचीत को मनुष्य का सच्चा दर्पण कहा क्योंकि यह उसके विचारों, चरित्र और बुद्धि को प्रकट करती है। यह मनुष्य के गुण-अवगुण को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
प्रश्न: ‘बातचीत’ निबंध में वाक्-शक्ति को क्या माना गया है?
उत्तर: वाक्-शक्ति को ‘बातचीत’ निबंध में मनुष्य का सबसे बड़ा वरदान माना गया है। यह मनुष्य को विचार व्यक्त करने और सामाजिक संबंध बनाने में मदद करती है, जिससे उसकी समाज मे अच्छी संबंध बना रहे।
प्रश्न: लेखक ने असल बातचीत के लिए कितने व्यक्तियों को उपयुक्त माना है?
उत्तर: लेखक ने असल बातचीत के लिए दो व्यक्तियों को उपयुक्त माना है। एडिसन के मत के अनुसार, दो लोगों में ही सच्ची, गोपनीय और गहरी बातचीत संभव है।
प्रश्न: ‘छह कानों में पड़ी बात खुल जाती है।’ इस कहावत का क्या तत्यय है?
उत्तर: इस कहावत का तत्यय यह है कि तीन या अधिक लोगों में बातचीत होने पर गोपनीयता भंग हो सकती है। असल बातचीत दो लोगों के बीच ही गोपनीय रहती है।
प्रश्न: ‘बातचीत’ निबंध में स्पेंसर का क्या कहना है?
उत्तर: स्पेंसर का कहना है कि बातचीत मनोरंजन का साधन है। यह मनुष्य को आनंद देती है और सामाजिक संबंधों को मजबूत करती है।
प्रश्न: लेखक ने बातचीत में सत्यता को क्यों महत्वपूर्ण माना है?
उत्तर: लेखक ने सत्यता को महत्वपूर्ण इसलिए माना क्योंकि सच्ची बातचीत ही मनुष्य के चरित्र को प्रकट करती है। यह विश्वास और संबंधों को और मजबूत करती है।
प्रश्न: ‘बातचीत’ निबंध में वाणी को मनुष्य की आत्मा का दर्पण क्यों कहा गया है?
उत्तर: वाणी को मनुष्य की आत्मा का दर्पण कहा गया क्योंकि यह उसके विचारों और भावनाओं को व्यक्त करती है। यह मनुष्य के आंतरिक व्यक्तित्व को दिखाता है।
प्रश्न: लेखक के अनुसार, बातचीत में सौम्यता का क्या महत्व है?
उत्तर: सौम्यता बातचीत को प्रभावशाली और आकर्षक बनाती है। यह सुनने वाले पर सकारात्मक प्रभाव डालती है और संबंधों को प्रगाढ़ करती है।
प्रश्न: ‘बातचीत’ निबंध में विचारों के आदान-प्रदान का क्या महत्व है?
उत्तर: विचारों का आदान-प्रदान बातचीत का मुख्य उद्देश्य है। यह ज्ञान, अनुभव और समझ को बढ़ावा देता है।
प्रश्न: लेखक ने बातचीत में बनावटीपन को क्यों अनुचित माना है?
उत्तर: बनावटीपन बातचीत को अस्वाभाविक और अविश्वसनीय बनाता है। यह सच्चे विचारों और भावनाओं को छिपाता है।
प्रश्न: ‘बातचीत’ निबंध में वाणी को मनुष्य के हृदय का द्वार क्यों कहा गया है?
उत्तर: वाणी को हृदय का द्वार कहा गया क्योंकि यह मनुष्य के हृदय की भावनाओं को सामने प्रकट करती है। यह मन के विचारों, भावो को बाहर लाती है।
प्रश्न: लेखक ने बातचीत में सरल और स्पष्ट भाषा के प्रयोग पर क्यों बल दिया है?
उत्तर: सरल और स्पष्ट भाषा बातचीत को प्रभावी और समझने योग्य बनाती है। यह संदेश को बिना किसी भ्रम के स्पष्ट रूप से व्यक्त करती है।
प्रश्न: ‘बातचीत’ निबंध में लेखक ने अहंकार का होना हानिकारक क्यों माना जाता है?
उत्तर: अहंकार बातचीत को कठोर और अप्रिय बनाता है। यह सुनने वाले को असहज करता है और संबंधों को कमजोर करता है।
प्रश्न: ‘बातचीत’ निबंध में बुद्धि का मापक क्या माना गया है?
उत्तर: बुद्धि का मापक मनुष्य की वाणी को माना गया है। यह उसके ज्ञान और समझ को द्रशाता है।
प्रश्न: लेखक ने बातचीत को समाज का दर्पण क्यों कहा है?
उत्तर: बातचीत समाज का दर्पण है क्योंकि यह समाज के मूल्यों, विचारों और संस्कृति को प्रतिबिंबित करती है। यह सामाजिक संबंधों को दर्शाती है।
प्रश्न: ‘बातचीत’ निबंध में लेखक ने कठिन शब्दों के प्रयोग को क्यों अनुचित माना है?
उत्तर: कठिन शब्द बातचीत को जटिल और समझने में कठिन बनाते हैं। सरल शब्द संदेश को स्पष्ट और प्रभावी बनाते हैं।
प्रश्न: ‘बातचीत’ निबंध में लेखक ने विचारों की स्पष्टता को क्यों महत्वपूर्ण माना है?
उत्तर: विचारों की स्पष्टता बातचीत को प्रभावी बनाती है। यह सुनने वाले को सही संदेश पहुँचाती है और भ्रम को रोकती है।
प्रश्न: ‘बातचीत’ निबंध में लेखक ने वाक्-शक्ति को जीवन का आधार क्यों माना है?
उत्तर: वाक्-शक्ति जीवन का आधार इसलिए है क्योंकि यह मनुष्य को विचार व्यक्त करने और सामाजिक संबंध बनाने में सक्षम बनाती है। यह संवाद का आधार है।
प्रश्न: ‘बातचीत’ निबंध का मूल संदेश क्या है?
उत्तर: ‘बातचीत’ निबंध का मूल संदेश है कि बातचीत मनुष्य के चरित्र, बुद्धि और भावनाओं को प्रकट करती है। यह सामाजिक संबंधों और विचारों के आदान-प्रदान करने का आधार है।
