Introduction
भाई, सोचो की तुम एक जादुई चिराग रगरते हो, और उसमें से सुपर स्मार्ट AI निकलता है और तुम कहते हो, “भाई, मुझे एक बिजनेस प्लान दो!” लेकिन वो तुम्हे बकवास देता है, क्योंकि तुम्हारा सवाल ही उसे समझ नही आया। अब अगर तुम बोलते, “भाई AI, मुझे एक स्टार्टअप के लिए 1000 शब्दों का बिजनेस प्लान दो, जिसमें मार्केटिंग Strategy, Financial प्लान और टारगेट ऑडियंस हो, और वो हिंदी में हो!” – boom! AI तुम्हे ऐसा प्लान देगा कि शार्क टैंक वाले भी तुझे फंडिंग दे दें। यही है AI प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की ताकत!
2025 में AI हर जगह है – तुम्हारे फोन से लेकर तुम्हारी कार, ऑफिस और किचन तक। लेकिन AI की असली पावर तभी दिखती है, जब तुम उसे सही प्रॉम्प्ट दो, तब वह तुम्हारा बात समझेगा और तुम्हे तुम्हारे सवाल का जवाब देगा, तो इसके लिए जरूरी है, AI PROMPT ENGINEERING COURSE.
AI Prompt Engineering क्या होता है?
Ai प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग वो स्किल है, जिसमें तुम AI मॉडल्स (जैसे ChatGPT, GPT-5, Claude 4, Gemini 2.0) को सटीक और साफ निर्देश (प्रॉम्प्ट्स) देता है, ताकि वो वही दे जो तुम चाहते हो। आसान भाषा में, ये AI से “सही सवाल पूछने” की जादूगरी कला है। AI मॉडल्स Trillions Of Data पर trained होते हैं, लेकिन बिना अच्छे प्रॉम्प्ट के वो रैंडम बकवास ही देते है।
उदाहरण:
❎गलत प्रॉम्प्ट: “कुछ लिखो।” ऐसा लिखने पर (AI कुछ भी बोरिंग या बेकार लिखेगा)।
✅सही प्रॉम्प्ट: “हिंदी में 500 शब्दों का ब्लॉग लिखो, जिसमें स्टूडेंट्स के लिए पढ़ने का Tips और Tricks शामिल हों। 5 पॉइंट्स, प्रत्येक के लिए एग्जाम्पल और स्टेप्स शामिल करें।” ऐसा लिखने पर (AI तुम्हे परफेक्ट आर्टिकल देगा।)
2025 में, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग मल्टीमॉडल हो गई है। मतलब, सिर्फ टेक्स्ट नहीं, बल्कि इमेज, वीडियो, ऑडियो और कोडिंग के लिए भी प्रॉम्प्ट्स। जैसे:
इमेज जेनरेशन: “DALL-E में एक Futuristic City का 3D आर्ट बनाओ, Builidings , आदमी,कंपनी और गाड़िया।”
कोडिंग: “Python में एक फंक्शन लिखो जो लिस्ट को रिवर्स करे, स्टेप्स एक्सप्लेन करो।”
एक रिसर्च कहती है कि सही प्रॉम्प्ट्स से AI की Accuracy 90% तक बढ़ सकती है। ये स्किल अब हर प्रोफेशनल – Can’t, डेवलपर, टीचर, डॉक्टर – के लिए बेहद जरूरी है।

प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग के Components
प्रॉम्प्ट: AI को दिया जाने वाला इनपुट टेक्स्ट। जैसे, “एक कहानी लिखो।”
कॉन्टेक्स्ट: बैकग्राउंड इंफो। जैसे, “तुम एक हिस्ट्री टीचर हो, 10वीं क्लास के लिए इंडियन फ्रीडम फाइटर एक्सप्लेन करो।”
इंस्ट्रक्शन्स: स्पेसिफिक कमांड्स। जैसे, “JSON फॉर्मेट में दो।”
उदाहरण: फ्यू-शॉट लर्निंग, जहां तुम AI को 2-3 Examples देते हो। जैसे, “इनपुट: Apple, आउटपुट: Fruit. अब Dog का आउटपुट क्या?
प्रॉम्प्ट के Types
Zero Shot Prompting : कोई एग्जाम्पल नहीं, डायरेक्ट सवाल। जैसे, “इस पैराग्राफ को हिंदी में ट्रांसलेट करके दिखाओ।”
Few-Shot Prompting : कुछ एग्जाम्पल्स देकर। जैसे, “उदाहरण: इनपुट – Car, आउटपुट – Vehicle. अब: Bike – ?”
Chain Of Thought (CoT): AI को स्टेप बाय स्टेप सोचने को कहना। जैसे, “इस question को सॉल्व करो, हर स्टेप एक्सप्लेन करो।” ये कॉम्प्लेक्स टास्क्स के लिए बेस्ट है।
सेल्फ-कंसिस्टेंसी: कई आउटपुट जेनरेट करके बेस्ट चुनना।
ट्री ऑफ थॉट्स: ब्रांचिंग करके ऑप्शन्स एक्सप्लोर करना।
ऑटो-प्रॉम्प्टिंग: 2025 का नया ट्रेंड, जहां AI खुद प्रॉम्प्ट्स ऑप्टिमाइज करता है, और Output देता है।
अगर तुम नया हो, तो जीरो-शॉट और फ्यू-शॉट से शुरू करो। प्रैक्टिस के लिए ChatGPT, Grok (x.ai पर फ्री उपलब्ध), या Google Bard यूज करो।
Why is it Important in 2025 ?
2025 में AI बिना प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग के जैसे बिना नक्शे का रास्ता – पावरफुल, लेकिन भटक सकता है। AI मॉडल्स स्मार्ट हैं, लेकिन वो तुम्हारे दिमाग को नहीं पढ़ सकते। सही प्रॉम्प्ट से तुम AI को कंट्रोल करते हो, ताकि वो वही दे जो तुम्हे चाहिए।
क्यों जरूरी?
बेहतर आउटपुट: एक स्टडी कहती है कि सही प्रॉम्प्ट्स से LLM की परफॉर्मेंस 85-90% इम्प्रूव होती है। जैसे, कस्टमर सपोर्ट AI से एकदम सटीक जवाब।
कॉस्ट और टाइम बचत: AI मॉडल फाइन-ट्यूनिंग में हजारों डॉलर्स और महीनों लगते हैं, लेकिन प्रॉम्प्ट से 80% काम हो जाता है।
सिक्योरिटी: प्रॉम्प्ट इंजेक्शन अटैक्स (जहां यूजर AI को मैनिपुलेट करता है) को स्ट्रक्चर्ड प्रॉम्प्ट्स से रोका जा सकता है।
क्रिएटिविटी बूस्ट: राइटर्स, आर्टिस्ट्स, डिजाइनर्स AI से इंस्पिरेशन लेते हैं। जैसे, एक प्रॉम्प्ट से नॉवेल का आउटलाइन।
हर इंडस्ट्री में यूज: हेल्थकेयर में डायग्नोसिस, एजुकेशन में लर्निंग, मार्केटिंग में कैंपेन। 2025 में 95% कस्टमर इंटरैक्शन्स AI से ही होते हैं।
सोचो, तुम एक स्टार्टअप चला रहे हो। AI से बोलो, “मुझे एक ई-कॉमर्स बिजनेस के लिए मार्केटिंग स्ट्रैटेजी दो, टारगेट ऑडिएंस 18-25 साल के लोग, बजट ₹50,000।”
सही प्रॉम्प्ट से तुम्हे ऐसा प्लान मिलेगा कि बिजनेस उड़ान भरे! बिना इस स्किल के, तुम AI की पावर का सिर्फ 20% यूज कर पाओगे।
2025 में हर जॉब में AI इंटीग्रेशन है – टीचर्स लेसन प्लान बनाते हैं, डॉक्टर्स डायग्नोसिस चेक करते हैं, मार्केटर्स कैंपेन क्रिएट करते हैं। प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग यूनिवर्सल स्किल है, जो प्रोडक्टिविटी 2x-3x बढ़ा सकती है।

History of AI Prompt Engineering
चलो, थोड़ा टाइम मशीन में चलते हैं। प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की जड़ें AI की शुरुआत से जुड़ी हैं। 1950s में Alan Turing ने मशीनों से “बातचीत” का आइडिया दिया। 1966 में ELIZA चैटबॉट आया, जो पैटर्न मैचिंग से जवाब देता था – ये प्रॉम्प्टिंग का पहला कदम था।
1970s-80s में एक्सपर्ट सिस्टम्स आए, जहां स्ट्रक्चर्ड इनपुट्स से डिसीजन लिए जाते थे। लेकिन असली क्रांति 2010s में डीप लर्निंग से हुई। 2017 में Transformers आर्किटेक्चर ने NLP को बदल दिया। BERT (2018) ने कॉन्टेक्स्ट समझना शुरू किया।
2019 में GPT-2 ने जेनरेटिव AI की शुरुआत की। 2020 में GPT-3 ने जीरो-शॉट लर्निंग से खूब धमाल मचाया – कोई ट्रेनिंग नहीं, सिर्फ प्रॉम्प्ट। 2022 में ChatGPT ने प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग को मास पॉपुलर बनाया। तब “प्रॉम्प्ट इंजीनियर” जॉब्स आए, सैलरी $375K तक।
2023-2024 में मल्टीमॉडल मॉडल्स (GPT-4) और ऑटो-प्रॉम्प्टिंग आए। 2025 में, AI एजेंटिक हो गया, जो खुद डिसीजन लेता है। हिस्ट्री सिखाती है: प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग Envolve होती रहेगी, लेकिन इसका कोर – क्लियर कम्यूनिकेशन – वही रहेगा।
Milestone:
- 1950s: Turing Test।
- 1966: ELIZA चैटबॉट।
- 2017: Transformers।
- 2019: GPT-2।
- 2020: GPT-3, जीरो-शॉट।
- 2022: ChatGPT।
- 2025: फिजिकल AI, ऑटो-प्रॉम्प्टिंग।
2025 में AI प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग के Latest Trends और News
2025 में प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग का सीन बदल चुका है। अब ये सिर्फ जॉब नहीं, हर प्रोफेशनल की स्किल है। न्यूज: “प्रॉम्प्ट इंजीनियर” रोल्स कम हो रहे हैं, क्योंकि AI खुद प्रॉम्प्ट्स ऑप्टिमाइज करता है। लेकिन स्किल की डिमांड अब भी बहुत हाई है।
टॉप ट्रेंड्स:
ऑटो-प्रॉम्प्टिंग: AI खुद प्रॉम्प्ट्स बनाता और इम्प्रूव करता है। GPT-5 में इन-बिल्ट ऑप्टिमाइजर्स।
मेगा-प्रॉम्प्ट्स: 100K+ टोकन्स के लॉन्ग कॉन्टेक्स्ट प्रॉम्प्ट्स। 95% कस्टमर इंटरैक्शन्स AI से।
RAG (Retrieval-Augmented Generation): रियल-टाइम डेटा फेच करके प्रॉम्प्टिंग – अब स्टैंडर्ड।
फिजिकल AI: रोबोट्स के लिए प्रॉम्प्ट्स, जैसे “किचन में कॉफी बना।”
एडवांस्ड टूल्स: LangChain, Haystack, Lakera – सिक्योर और फास्ट प्रॉम्प्टिंग।
प्रोडक्ट-फोकस्ड प्रॉम्प्टिंग: $50M ARR कंपनियां प्रॉम्प्ट्स को प्रोडक्ट वर्कफ्लोज में यूज करती हैं।
न्यूज हाइलाइट्स:
OpenAI, Google और Stanford की रिसर्च से 200+ प्रॉम्प्टिंग टेक्नीक्स।
भारत में IITs, NITs ने प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग कोर्स शुरू किए।
सैलरी: फ्रेशर्स ₹5-10 LPA, सीनियर्स ₹25+ LPA।

प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग के बेस्ट Practises
चलो, अब प्रैक्टिकल बात करते हैं। सही प्रॉम्प्ट बनाना आसान है, बस कुछ ट्रिक्स चाहिए।
20 बेस्ट टिप्स:
- क्लियर रहो: “कुछ लिखो” नहीं, “500 शब्दों का ब्लॉग लिखो।”
- रोल असाइन करो: “तुम एक मार्केटिंग एक्सपर्ट हो।”
- CoT यूज करो: “स्टेप बाय स्टेप एक्सप्लेन करो।”
- फ्यू-शॉट एग्जाम्पल्स: 2-3 उदाहरण दो।
- आउटपुट फॉर्मेट: “लिस्ट में दो” या “JSON में।”
- इटेरेशन: प्रॉम्प्ट फेल हो तो ट्वीक करो।
- बायस चेक: फेयर प्रॉम्प्ट्स यूज करो।
- टूल्स: LangChain, PromptLayer।
- सिक्योरिटी: इंजेक्शन अटैक्स से बचो।
- मल्टीमॉडल: इमेज डिस्क्रिप्शन ऐड करो।
- कॉन्टेक्स्ट: जितना बैकग्राउंड, उतना बेहतर।
- कॉम्प्लेक्स टास्क्स ब्रेक करो: छोटे स्टेप्स में।
- फीडबैक लूप: AI से आउटपुट रिव्यू करवाओ।
- सेल्फ-कंसिस्टेंसी: कई आउटपुट्स से बेस्ट चुनो।
- ट्री ऑफ थॉट्स: ऑप्शन्स एक्सप्लोर करो।
- लैंग्वेज सिम्पल रखो: 8th ग्रेड लेवल।
- डेटा लिमिट्स चेक करो: मॉडल की टोकन लिमिट।
- रियल-टाइम डेटा: RAG यूज करो।
- प्रैक्टिस: डेली टास्क्स में ट्राय कर।
- कम्यूनिटी से सीखो: Reddit, GitHub।
Examples:
कंटेंट: “SEO फ्रेंडली 1000 शब्दों का ब्लॉग लिखो, कीवर्ड्स: AI, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग कोर्स।”
कोडिंग: “JavaScript में टिक-टैक-टो गेम बनाओ, स्टेप्स एक्सप्लेन करो।”
एजुकेशन: “12वीं क्लास के लिए चैप्टर 8 solve करो, examples के साथ।“
इंडस्ट्रीज में प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग के यूज
2025 में प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग हर इंडस्ट्री को बदल रही है। डिटेल में देखते हैं:
- हेल्थकेयर
यूज: डायग्नोसिस, ड्रग डिस्कवरी, पेशेंट कम्यूनिकेशन।
प्रॉम्प्ट: “सिम्पटम्स: बुखार, थकान – डायग्नोसिस दो, एविडेंस बेस्ड।”
इम्पैक्ट: डायग्नोसिस टाइम 50% कम।
- एजुकेशन
यूज: पर्सनलाइज्ड लर्निंग, लेसन प्लान्स।
प्रॉम्प्ट: “12वीं क्लास के लिए फिजिक्स टॉपिक एक्सप्लेन करो, डायग्राम्स के साथ।”
इम्पैक्ट: स्टूडेंट्स की परफॉर्मेंस 30% इम्प्रूव।
- मार्केटिंग
यूज: कॉपीराइटिंग, सोशल मीडिया, कैंपेन्स।
प्रॉम्प्ट: “इंस्टाग्राम के लिए 5 वायरल पोस्ट्स लिखो, न्यू प्रोडक्ट लॉन्च के लिए।”
इम्पैक्ट: 70% कंटेंट AI से।
- फाइनेंस
यूज: डेटा एनालिसिस, फ्रॉड डिटेक्शन।
प्रॉम्प्ट: “इस डेटा से ट्रेंड्स निकालो, टेबल में।”
- सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट
यूज: कोडिंग, डिबगिंग।
प्रॉम्प्ट: “Python में API इंटीग्रेशन कोड लिखो।”
- कस्टमर सपोर्ट
यूज: चैटबॉट्स, रिस्पॉन्स जेनरेशन।
इम्पैक्ट: 95% इंटरैक्शन्स AI से।
- मैन्युफैक्चरिंग
यूज: रोबोट्स कंट्रोल।
प्रॉम्प्ट: “मशीन को प्रोडक्ट असेंबल करने का इंस्ट्रक्शन दे।”

एथिकल इश्यूज और सॉल्यूशन्स
AI पावरफुल है, लेकिन जिम्मेदारी भी चाहिए।
Issues
बायस: ट्रेनिंग डेटा में बायस से गलत आउटपुट। सॉल्यूशन: “फेयर और इंक्लूसिव जवाब दो।”
मिसइंफॉर्मेशन: AI हेलुसीनेशन। सॉल्यूशन: “एविडेंस बेस्ड जवाब।”
प्राइवेसी: सेंसिटिव डेटा लीक। सॉल्यूशन: डेटा मास्किंग।
Environment: AI ट्रेनिंग एनर्जी खाती है। सॉल्यूशन: लो-एनर्जी मॉडल्स।
जॉब्स: ऑटोमेशन से जॉब लॉस। सॉल्यूशन: न्यू रोल्स क्रिएट।
How to Learn (Courses, Books, Resources)
- कोर्स: Coursera, Udemy, LearnPrompting.org।
- बुक्स: “Prompt Engineering Guide” by DAIR-AI।
- रिसोर्स: GitHub, Reddit (r/PromptEngineering), YouTube।
- टूल्स: Grok (x.ai), ChatGPT, Bard, etc. ।
भारत में जॉब्स और सैलरी
फ्रेशर्स: ₹5-10 LPA।
मिड-लेवल: ₹10-20 LPA।
सीनियर्स: ₹25+ LPA।
कंपनियां: TCS, Infosys, Delloite, स्टार्टअप्स।
चैलेंजेस और सॉल्यूशन्स
चैलेंज: AI Unpredictable ।
सॉल्यूशन: इटेरेशन, RAG।
चैलेंज: स्किल गैप।
सॉल्यूशन: Continues Learning ।
Future Of Prompt Engineering
2026 में ऑटो-प्रॉम्प्टिंग डोमिनेंट होगा, लेकिन ह्यूमन टच जरूरी रहेगा। एजेंटिक AI, कॉन्टेक्स्ट इंजीनियरिंग भी आएंगे।

Frequently Asked Questions Top 10
- AI प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग आखिर है क्या?
जवाब: भाई, ये वो स्किल है जिसमें तुम AI मॉडल्स (जैसे ChatGPT, GPT-5, Claude 4) को सही सवाल या निर्देश (प्रॉम्प्ट) देते हो, ताकि वो वही दे जो तुम्हे चाहिए। जैसे, “कुछ लिखो” की जगह “हिंदी में 500 शब्दों का ब्लॉग लिखो, टाइम मैनेजमेंट पर, 5 टिप्स के साथ।” इससे AI सटीक और यूजफुल आउटपुट देता है। 2025 में ये स्किल हर इंडस्ट्री में गेम-चेंजर है! - प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग क्यों जरूरी है?
जवाब: देखो, AI सुपर स्मार्ट है, लेकिन बिना सही प्रॉम्प्ट के वो भटक जाता है। सही प्रॉम्प्ट से तुम 85-90% बेहतर आउटपुट ले सकता है। ये टाइम और पैसे बचाता है, क्योंकि फाइन-ट्यूनिंग की जरूरत नहीं। मार्केटिंग, कोडिंग, हेल्थकेयर – हर जगह यूज होता है। 2025 में 95% कस्टमर इंटरैक्शन्स AI से होंगे, तो ये स्किल तुम्हारी सुपरपावर है! - क्या कोई भी प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग सीख सकता है?
जवाब: बिल्कुल, इसके लिए कोडिंग बैकग्राउंड जरूरी नहीं। अगर तुम हिंदी, इंग्लिश या कोई भी भाषा में साफ सवाल पूछ सकता है, तो तुम ये सीख सकते हो। Coursera, Udemy पर फ्री कोर्स हैं, और Grok, ChatGPT पर प्रैक्टिस कर। स्टूडेंट, टीचर, राइटर – कोई भी सीख सकता है। - 2025 में प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग के लेटेस्ट ट्रेंड्स क्या हैं?
जवाब: 2025 में ऑटो-प्रॉम्प्टिंग (AI खुद प्रॉम्प्ट बनाता है), RAG (रियल-टाइम डेटा फेच), मल्टीमॉडल प्रॉम्प्ट्स (टेक्स्ट+इमेज), और फिजिकल AI (रोबोट्स के लिए प्रॉम्प्ट्स) ट्रेंडिंग हैं। GPT-5, Claude 4 जैसे मॉडल्स लॉन्ग कॉन्टेक्स्ट (100K+ टोकन्स) हैंडल करते हैं। टूल्स जैसे LangChain, Lakera यूज हो रहे हैं। - भारत में प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग जॉब्स का स्कोप है?
जवाब: भाई, भारत में बूम है! फ्रेशर्स को ₹5-10 लाख/साल, मिड-लेवल को ₹10-20 लाख, और सीनियर्स को ₹25+ लाख मिल रहे हैं। TCS, Infosys, Delloite, स्टार्टअप्स Hire कर रहे हैं। जॉब्स: AI Prompt Specialist, Workflow Architect। IITs, NITs में कोर्स शुरू हो चुके हैं। - प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग में एथिकल इश्यूज क्या हैं?
जवाब: बायस (गलत धारणाएं), मिसइंफॉर्मेशन (गलत फैक्ट्स), और प्राइवेसी लीक बड़े इश्यूज हैं। सॉल्यूशन: फेयर प्रॉम्प्ट्स यूज करो, जैसे “एविडेंस बेस्ड जवाब दो।” ट्रांसपेरेंसी और ह्यूमन ओवरसाइट जरूरी। 2025 में कंपनियां बायस मिटिगेशन पर फोकस कर रही हैं। - प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग कैसे सीखें?
जवाब: शुरूआत फ्री टूल्स से करो : Grok (x.ai पर फ्री), ChatGPT, Bard। कोर्स: Coursera (“Prompt Engineering for Everyone”), Udemy, LearnPrompting.org। बुक्स: “Prompt Engineering Guide” by DAIR-AI। GitHub पर प्रॉम्प्ट लाइब्रेरीज चेक कर। डेली प्रैक्टिस कर – जैसे “500 शब्दों का आर्टिकल लिखवाओ।” - क्या प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग जॉब्स खत्म हो रही हैं?
जवाब: नहीं भाई, जॉब्स खत्म कहा हो रही है, बस रोल्स बदल रहे हैं। पहले “प्रॉम्प्ट इंजीनियर” अलग जॉब था ($375K सैलरी), लेकिन 2025 में ये स्किल हर डेवलपर, राइटर, मैनेजर में चाहिए। ऑटो-प्रॉम्प्टिंग बढ़ रहा है, लेकिन ह्यूमन टच अभी बहुत जरूरी है। न्यू रोल्स जैसे AI Workflow Architect आ रहे हैं। - बेस्ट प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग टिप्स क्या हैं?
जवाब: क्लियर रहो, रोल असाइन कर (जैसे “तुम टीचर हो”), स्टेप बाय स्टेप (CoT) यूज करो, एग्जाम्पल्स दो, और आउटपुट फॉर्मेट स्पेसिफाई कर (जैसे JSON)। इटेरेशन कर – फेल हो तो प्रॉम्प्ट ट्वीक करो। टूल्स जैसे LangChain यूज करो। बायस चेक करो, और प्रैक्टिस डेली करो।
निष्कर्ष (Conclusion)
भाई, अब तो तुम्हे समझ आ गया होगा कि AI प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग 2025 में कितनी जबरदस्त स्किल है। ये न सिर्फ तेरा टाइम और पैसे बचाएगी, बल्कि तुझे करियर में टॉप पर पहुंचाएगी। चाहे तुम स्टूडेंट हो, जॉब ढूंढ रहे हो, या बिजनेस चला रहे हो, ये स्किल तेरे लिए गोल्डमाइन है।
2025 में AI हर जगह है – हेल्थकेयर, एजुकेशन, मार्केटिंग, कोडिंग – और सही प्रॉम्प्ट्स के बिना तू इसकी पावर का फुल यूज नहीं कर पाएगा।